पटना डीएम ने की जाति आधारित गणना के प्रगति की समीक्षा, अधिकारियों को दिए कई निर्देश

पटना डीएम ने की जाति आधारित गणना के प्रगति की समीक्षा, अधिकारियों को दिए कई निर्देश

PATNA : जिलाधिकारी, पटना डॉ चन्द्रशेखर सिंह द्वारा आज जाति आधारित गणना, 2022 में प्रगति की समीक्षा की गई तथा अद्यतन स्थिति का जायजा लिया गया। उन्होंने कहा कि जाति आधारित गणना का सफल क्रियान्वयन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। निर्वाचन मोड में इसका संचालन किया जा रहा है। शुद्धता पर फोकस करते हुए गुणवत्तापूर्ण ढंग से समय सीमा के अंदर इसे पूरा कर लिया जाएगा। डीएम डॉ सिंह ने कहा कि जाति आधारित गणना एक वृहद कार्यक्रम है। अभी तक की उपलब्धि अपेक्षा के अनुरूप है। अद्यतन सर्वेक्षित परिवारों की संख्या 10,91,993 है जिसमें 2,18,981 परिवारों का आज सर्वेक्षण किया गया तथा दिनांक 16 जनवरी तक सर्वेक्षित परिवारों की संशोधित संख्या 8,73,012 है। कार्य की गुणवत्ता की जांच के लिए डेडिकेटेड टीम क्रियाशील है। हमलोग ससमय सफलतापूर्वक गणना कार्य संपन्न करेंगे।

डीएम डॉ सिंह ने कहा कि गणना के लिए माइक्रोमैनेजमेंट कर बेस्ट रिसोर्सेज को लगाया गया है। सभी स्तरों- चार्ज, अनुमंडल एवं जिला स्तर- पर डेडिकेटेड नियंत्रण कक्ष सक्रिय है। नियंत्रण कक्ष द्वारा गणना में आ रही समस्याओं का समाधान किया जाता है। रिपोर्टिंग के लिए डेडिकेटेड सेल क्रियाशील है। ज़िलाधिकारी ने कहा कि वरीय अधिकारी क्षेत्रों का नियमित भ्रमण करते हैं। वे स्वयं लगातार क्षेत्र में निरीक्षण कर रहे हैं। डीएम डॉ सिंह ने निर्देश दिया कि गणना से कोई भी घर छूटना नहीं चाहिए। सभी प्रगणक एवं पर्यवेक्षक द्वारा इस आशय का प्रमाण पत्र दिया जाएगा कि उनके गणना ब्लॉक में कोई भी गणना मकान नहीं छूटा है एवं सभी की गणना कर ली गई है।

डीएम डॉ सिंह ने निर्देश दिया की सभी पर्यवेक्षक अपनी पूरी प्रगणक टीम के साथ अनिवार्य रूप से प्रत्येक दिन अपने आवंटित गणना क्षेत्र में उपस्थित रहेंगे। डीएम डॉ सिंह ने सभी संबंधित जिला-स्तरीय पदाधिकारियों जैसे जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस एवं अन्य को गणना कार्य में प्रतिनियुक्त अपने कर्मियों की उपस्थिति मॉनिटर करने का निर्देश दिया है। अनुपस्थित कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई कर प्रतिवेदन देंगे। सभी पर्यवेक्षक एवं प्रगणक को विधिवत प्रशिक्षण दिया गया है। अतः पर्यवेक्षक का दायित्व है कि  गणना/उप गणना ब्लॉक का अच्छी तरह गाइडलाइन के अनुसार त्रुटिरहित सीमांकन  एवं गणना का कार्य करेंगे। सभी प्रगणक अपने आवंटित क्षेत्र का नजरी नक्शा  में यह सुनिश्चित हो लेंगे कोई मकान नहीं छूटा है एवं न ही अगल-बगल के गणना ब्लॉक से ओवरलैपिंग हुई है। इसमें पर्यवेक्षक विशेष ध्यान देंगे। नक्शे में भवनों को उत्तर-पश्चिम दिशा से नंबर देना शुरू करना है एवं दक्षिण-पूर्व में समाप्त करना है। नजरी नक्शे में रंगों का उपयोग नहीं किया जाना है। नजरी नक्शा में  जिस गणना खंड या उप गणना खंड का नक्शा बनाया जा रहा है उसके अगल-बगल के क्षेत्र को भी दर्शाया जाना है। उसके पूर्व- पश्चिम- उत्तर- दक्षिण में कौन-कौन से गणना खंड/ उपखंड हैं उनको भी नक्शे में दर्शाना है। गणना खंड/ उपखंड के संपूर्ण क्षेत्र को रेखांकित करते हुए घेर देना है। भवन संख्या एवं परिवार क्रमांक का कॉलम सावधानीपूर्वक त्रुटिरहित भरा जाना चाहिए। 

प्रत्येक पर्यवेक्षक उपलब्ध कराए गए प्रपत्र में प्रतिदिन दैनिक प्रतिवेदन हस्ताक्षर कर कार्यालय/ व्हाट्सएप ग्रुप में अनिवार्य रूप से चार्ज पदाधिकारी को 5:00 बजे अपराह्न तक भेजना सुनिश्चित करेंगे। चार्ज पदाधिकारी अपने क्षेत्रांतर्गत सभी गणना खंडों का समेकित प्रतिवेदन जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, पटना को प्रत्येक दिन ससमय भेजेंगे। जिला सांख्यिकी पदाधिकारी सभी चार्ज का समेकित प्रतिवेदन उपस्थापित करेंगे। जिला पदाधिकारी द्वारा प्रतिदिन सायं समीक्षा की जाती है। प्रखंडों के सभी वरीय प्रभारी पदाधिकारी, नोडल पदाधिकारी तथा अनुमंडल पदाधिकारी क्षेत्रों का नियमित भ्रमण करेंगे एवं गणना कार्य का अनुश्रवण करेंगे। वे सभी गणना कर्मियों की कर्तव्य पर ससमय उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे। डीएम डॉ सिंह ने सभी पदाधिकारियों को जाति आधारित गणना कार्य में तत्पर रहने का निर्देश दिया है।

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