भावना से भद्दा मजाक ! बोलने पर पाबंदी...फिर भी गांधी मैदान में महिला सिपाहियों ने खोली 'नीतीश-तेजस्वी' की पोल, कहा- हमारी नियुक्ति-पोस्टिंग हो गई है

भावना से भद्दा मजाक ! बोलने पर पाबंदी...फिर भी गांधी मैदान में महिला सिपाहियों ने खोली 'नीतीश-तेजस्वी' की पोल, कहा- हमारी नियुक्ति-पोस्टिंग हो गई है

PATNA:  बिहार में नई सरकार चेहरा चमकाने में जुटी है। चेहरा चमके इसके लिए ज्वाइनिंग लेटर रूपी साबुन का प्रयोग किया जा रहा। बिहार की आम जनता और नौजवानों में नौकरी देनेवाली साफ-सुथरी चेहरा जाए, इसके लिए लगातार ज्वाइनिंग लेटर बांटे जा रहे हैं. पिछले दो महीने से नीतीश-तेजस्वी की सरकार यही काम कर रही। जो कर्मी ज्वाइन कर ट्रेनिंग ले रहे उनको भी ज्वाइनिंग लेटर थमाने का खेल जारी है। आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को ज्वाइनिंग लेटर थमा रहे. ये वही पुलिसकर्मी हैं जो ज्वाइन कर महीनों से ट्रेनिंग ले रहे। यानी महीना-दो महीना पहले ही सभी की ज्वाइनिंग हो चुकी है। यानी चेहरा चमकाने को लेकर बिहारियों के जज्बात से खेला जा रहा । हालांकि पुलिस मुख्यालय ने पुलिस कर्मियों को बोलने पर पाबंदी लगा दिया है. फिर भी पोल खुल ही जा रही। वर्दी पहनकर गांधी मैदान में ज्वाइनिंग लेटर पहुंचे महिला-पुरूषकर्मी  नीतीश सरकार  की पोल खोलने से बाज नहीं आ रहे।  

नियुक्ति पत्र लेने वाले महिला सिपाहियों ने नीतीश-तेजस्वी की खोली पोल 

पटना के गांधी मैदान में आज 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को नीतीश-तेजस्वी नियुक्ति पत्र बांट रहे. इसके लिए सभी जिलों में तैनात कर दिये गये पुलिसकर्मियों को पटना बुलाया गया है। इस संबंध में जब हमारे संवाददाता ने नियुक्ति पत्र लेने वाले पुलिसकर्मियों से बात की तो कुछ ने कहा कि हमलोगों को बोलने से मना किया गया है। वहीं एक महिला सिपाही बोली कि 2019 में बहाली निकली थी। एक महिला सिपाही बोली कि 2019-20 में परीक्षा की प्रक्रिया पूरी हुई। 2022 में नियुक्ति हो गई है. वर्तमान में हमारा बक्सर के डुमरांव में पोस्टिंग है। नियुक्ति पत्र लेने वाले कई अन्य पुलिसकर्मियों ने जब बात की गई तो उनलोगों ने भी कहा कि हम ज्वाइन कर लिए हैं. हालांकि कुछ सिपाही बोलने से बचते रहे।  

गांधी मैदान में बड़ा जलसा...फेस मेकिंग 

पटना के गांधी मैदान में आज बड़ा जलसा हो रहा है। राज्यभऱ से पुलिसकर्मियों को बुलाया गया है। कार्यक्रम के चीफ गेस्ट हैं सीएम नीतीश और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव। कार्यक्रम का नाम है नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम। इस कार्यक्रम में 10 हजार पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र दिया जा रहा। दो दिन पहले हमने खुलासा किया था कि जिन पुलिसकर्मियों को पिछले महीने ही नियुक्ति पत्र दे दी गई है उन्हें फिर से आज नीतीश-तेजस्वी नियुक्ति पत्र देंगे। गांधी मैदान में नियुक्ति पत्र लेने वाले सिपाहियों ने इसका प्रमाण भी दे दिया। जब पुलिसकर्मियों ने कहा कि हमें बोलने से मना किया गया है और कुछ ने कहा कि हमारी पोस्टिंग हो गई है। वैसे ये तमाम नियुक्तियां 2-3 साल पुरानी हैं.आज जिनको नियुक्ति पत्र मिल रहा। वे पुलिस के अंग बन चुके हैं,फिर भी दिखावे के लिए नियुक्ति पत्र दिया जायेगा। 

डीआईजी-एसपी ने पिछले महीने ही दी थी नियुक्ति पत्र 

राजधानी के गांधी मैदान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव आज 10 हजार 459 पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र देंगे। इनमें 8246 सिपाही और 2213 अवर निरीक्षक शामिल हैं।नौकरी देना अच्छी बात, लेकिन नौकरी के नाम पर जनता को बेवकूफ बनाना धोखा है. जिन पुलिसकर्मियों को नीतीश-तेजस्वी आज ज्वाइनिंग देने वाले हैं, उन सभी को पहले ही ज्वाइनिंग लेटर दिया जा चुका है.इतना ही नहीं वे सभी ट्रेनिंग ले रहे हैं. दारोगा को क्षेत्रीय डीआईजी और आईजी ने एक महीने पहले ही नियुक्ति पत्र दे दिया। वहीं सिपाही का जिले के एसपी की तरफ से ज्वाइनिंग लेटर दिया गया. उदाहरण के तौर पर हम आपको बता रहे हैं. कोशी रेंज के डीआईजी शिवदीप लांडे ने पुलिस मुख्यालय के आदेश पर 17 अक्टूबर को सहरसा स्थित कार्यालय में 60 नवनियुक्त सब इंस्पेक्टर को नियुक्ति पत्र दिया था। बतातें चलें कि कोशी रेंज के सहरसा ,सुपौल,मधेपुरा जिलों के लिए कुल 61 लोग दरोगा में चयनित हुए थे. जिसमें एक दरोगा का मामला कोर्ट में रहने के कारण उनको नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया था। उक्त दरोगा की नियुक्ति के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा गया . डीआईजी शिवदीप लांडे ने सारी औपचारिकता पूरी करने के बाद सभी को नियुक्ति पत्र दिया था। इसके अलावे अन्य डीआईजी की तरफ से भी दारोगा को नियुक्ति पत्र वितरित किये गये थे.

पुलिस मुख्यालय अपने ही आदेश से पलट रहा 

साहब...आपके ही अधिकारियों ने नियुक्ति पत्र दे दिया। इसके बाद फिर से नियुक्ति पत्र देने का क्या मतलब? आखिर मकसद तो यही है न कि सरकार के पैसे से खुद का चेहरा चमके। एडीजी हेडक्वाटर्र  जे.एस. गंगवार ने दो दिन पहले बताया था कि 10000 से ऊपर पुलिस पदाधिकारी और कर्मियों को नियुक्ति पत्र दिए जायेंगे। उन्होंने बताया था कि पदाधिकारी में सब इंस्पेक्टर और सार्जेंट. जिलों में रिजल्ट आने के बाद इनकी नियुक्ति के लिए योगदान देने के लिए समय निर्धारित किया गया. उस समय सीमा में इन लोगों ने योगदान दिया, मेडिकल कराया गया. सारी प्रक्रिया होती है. एडीजी से पूछा गया कि जिन लोगों को 16 तारीख को नियुक्ति पत्र दिये जायेंगे उनसभी को डीआईजी और एसपी ने नियुक्ति पत्र दे दिये हैं तो फिर से क्यों दिया जा रहा ? तब एडीजी मुख्यालय ने कहा कि ऐसी कोई जानकारी नहीं है हम लोगों को. यह राज्य स्तरीय कार्यक्रम है और समेकित रूप से दिया जाना है। जहां तक नियुक्ति पदाधिकारी का सवाल है, नियुक्ति तो एसपी करते हैं. सब इंस्पेक्टर की डीआईजी करते हैं. नियुक्ति प्राधिकार होना अलग बात है, नियुक्ति वितरण करना अलग। 

बीजेपी ने बताया नियुक्ति घोटाला

 बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर हमला बोला है। सम्राट चौधरी ने कहा है कि जिस तरीके से सीएम नीतीश कुमार और सजायाफ्ता लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वी दोनों ने मिलकर नियुक्ति घोटाले का खेल किया है। वो बेहद हैरान कर देने वाला है। इनकी करतूत देख राज्य के नौनिहाल हैरान हैं और पूछ रहे हैं कि नीतीश कुमार जी आप बताइए, आप जो नियुक्ती पत्र बांट रहे हैं, इसके पहले की प्रक्रिया कब की? ये तो NDA की सरकार ने किया। लेकिन नीतीश जी को कोई शर्म नहीं है। बेशर्मी की पराकाष्ठा वाले नीतीश जी, सुपर सीएम की ओर से घोटाले को अंजाम दिलवा रहे हैं।

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