कैमूर में आईसीडीएस के डाटा ऑपरेटर सहित दो गिरफ्तार, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में ठगी का आरोप

कैमूर में आईसीडीएस के डाटा ऑपरेटर सहित दो गिरफ्तार, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में ठगी का आरोप

KAIMUR : प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में तीन किस्तों में गर्भवती महिलाओं के खाते में पैसा भेजा जाता है. प्रथम बार गर्भवती होने पर सरकार गर्भवती महिलाओं को पंजीकरण कराने के बाद एक हजार रुपये खाते में भेजती है. फिर छह माह बाद जांच कराने के उपरांत लाभुक के खाते में दो हजार की राशि डाली जाती है और फिर प्रसव के बाद दो हजार रुपये खाते में डाली जाती है. लेकिन बिचौलियों ने बिना गर्भवती महिलाओं के खाते में भी एक महीने के अंदर एक साल में दी जानेवाली तीनों किस्त की राशि डाल दी. गहनता से जांच हो तो इस फर्जीवाड़ा मे और कई लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है. 

दरअसल मामला कुदरा थाना क्षेत्र के भरीगांवा गांव का है. जहां प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत एक युवक एक माह पूर्व गांव की सैकड़ों महिलाओं का फार्म भरवाया और एक माह के अंदर ही गर्भवती और बगैर गर्भवती सैकड़ो महिलाओं के खाते में पांच हजार रुपये की राशि डलवा दिया और महिलाओं को उनके खाते से अंगूठा का निशान लगाकर गांव में ही पांच हजार का निकासी कर सत्रह सौ रुपया उन्हें देता था. जबकि तैंतीस सौ रुपये अपने पास रख लेता था. पचास से अधिक महिलाओं का पैसा निकासी करने के बाद जब ग्रामीणों को शक हुआ तो युवक को बन्धक बना जिलाधिकारी को फोन किया. जिलाधिकारी के द्वारा प्रखंड विकास पदाधिकारी को भेजकर आरोपी ठग को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में इसने अपने सहयोगी नुआन्व प्रखंड के आईसीडीएस कार्यालय के डाटा एंट्री ऑपरेटर को बताया. जिसके साथ मिलकर सरकार की योजनाओं और मिलने वाली राशि का चूना लगा रहा था. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया और इनसे पूछताछ कर रही है.


गिरफ्तार आरोपी ने बताया गांव के सभी महिलाओं का एक माह पहले फार्म भरवाया था. जिसमें उनके खाते में पांच हजार रुपये डलवा दिया और उनसे पहले बोला था की तुमको सत्रह सौ रुपए दिए जाएंगे और तैंतीस सौ रुपये हम लोग रख लेंगे, जिसमे साहब को भी देना है. मुझे इस काम के लिए पांच सौ से एक हजार रुपये प्रति लाभुक मिलता है.  

मौके पर पहुंचे कुदरा बीडीओ ने बताया डीएम साहब की सूचना पर हम पहुंचे हैं. इस व्यक्ति को गिरफ्तार कर थाने को सौंपा जाएगा. इसने पैसे लेने की बात स्वीकार किया है.  

कैमूर एसपी दिलनवाज अहमद ने बताया सरकार की योजना में इसके द्वारा ग्रामीणों को सत्रह सौ देकर तैतीस सो रुपए रख लिया जा रहा था. इसका साथ दे रहे नुआन्व प्रखंड के ICDS कार्यालय के डाटा एंट्री ऑपरेटर को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस दोनों को जेल भेज रही है. 

कैमूर से देवब्रत की रिपोर्ट 

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