नालसा लखीसराय की ओर से चलाया गया जनजागरूकता अभियान, लोगों को दी गयी कानूनी स्कीम की जानकारी

नालसा लखीसराय की ओर से चलाया गया जनजागरूकता अभियान, लोगों को दी गयी कानूनी स्कीम की जानकारी

LAKHISARAI : आज़ादी का अमृत महोत्सव पर नालसा लखीसराय ने अधिवक्ता रजनीश कुमार के नेतृत्व मे "न लङेगे और न लड़ायेंगे,आपस मे सुलह कराएगे"। नारों के साथ जिला के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में जनजारूकता कार्यक्रम चलाया गया। नालसा और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पटना के निर्देशन और जिला जज अजय कुमार श्रीवास्तव सह अध्यक्ष के निर्देश के आलोक मे सचिव राजीव रंजन रमन नालसा लखीसराय के सफल नेतृत्व में जिला के पिछङा, अति पिछङी,एवं अनुसूचित जाति जनजाति बाहुल्य गांवो गगंटा, कालभैरव, किशनपुर, दिगहा, भैनोरा, खिरहो, जोगमैला, नेरी डिहरा में नालसा के दस स्कीमों से अवगत कराते हुए ङोर टू डोर जनजारूकता अभियान चलाया गया। 

लोगों को जागरूक करते हुए अधिवक्ता रजनीश कुमार ने कहा कि नालसा एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण सभी नागरिकों विशेष कर जरूरतमंदो और गरीब लोगों को सस्ता त्वरित न्याय प्रदान करके कानूनी सहायता, वितरण और नागरिकों को कानूनी रूप से सशक्त कर एक मजबूत ढांचा तैयार करने का एक भागीरथी प्रयास नालसा लखीसराय कर रहीं हैं। लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि लखीसराय प्राधिकार मुफ्त कानुनी सलाह, कोर्ट फीस, अधिवक्ता पाने की पात्रता, पीड़ित मुआवजा अधिनियम, लोक अदालत, बालविवाह, मानव तस्करी, शिक्षा का अधिकार, बाल मजदूरी, लिंग जांच, भूर्ण हत्या इत्यादि से संबंधित सम्पूर्ण जानकारी एवं लाभ पाने का सुगम रास्ता बताते हुए कहा कि आम लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या आने पर वह जिला व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित फ्रंट कार्यालय मे जाकर मुफ्त लाभ प्राप्त कर सकते हैं या स्थानीय पी एल वी का मदद ले सकते हैं। 

नागरिकों को जागरूक करते हुए अधिवक्ता ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर पीड़ित मुआवजा अधिनियम बनाईं गई है। पीड़ित पक्ष स्कीम के तहत अपराध से पीड़ितों, बेसहारो को सरकार की ओर से दी जाने वाली मुआवजा राशि का कानून सबसे अहम है। इस स्कीम के तहत किसी भी अपराध के परिणामस्वरूप हानि या नुकसान उठाने वाले व्यक्ति या उनके आश्रितों को मुआवजा देने का प्रावधान है। दुर्घटना के एक माह के अन्दर अंतरिम सहायता राशि देने का प्रावधान है जिसे अंतिम प्रतिकर मे समायोजित कर लिया जाएगा। अवैध प्राण दंड एवं भीड़ द्वारा हत्या हो जानें पर एक लाख से तीन लाख रुपये भा द वि की धारा 320 मे वर्णित घोर उपहति मे एक लाख से दो लाख,मनोवैज्ञानिक उपहति मे दस हज़ार से 25 हज़ार,उपहति द्वारा यदि पीड़ित का उपार्जन मे अक्षम हो जाने पर एक लाख से दो लाख रुपये सरकार की ओर से दिया जाना है। जिसका अधिसूचना सं एल जी 06_5/2018 के माध्यम से दिनांक 17,9,18 को सरकार के सचिव अखिलेश कुमार जैन के हस्ताक्षर से जारी किया गया है। जागरूकता कार्यक्रम मे व्यवहार न्यायालय के वरीय अधिवक्ता रमेश कुमार त्रिपाठी और कुमारी बबीता ने भी सक्रिय भूमिका निभाया।

लखीसराय से कमलेश कुमार की रिपोर्ट

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