बिहार का एक गांव ऐसा, जहाँ होली के दिन ग्रामीण नहीं करते हैं मांसाहार का सेवन, पढ़िए पूरी खबर

बिहार का एक गांव ऐसा, जहाँ होली के दिन ग्रामीण नहीं करते हैं मांसाहार का सेवन, पढ़िए पूरी खबर

BUXAR : पूर्व मध्य रेलवे के टुड़ीगंज स्टेशन से करीब तीन किलोमीटर की दुरी पर स्थित है सोवां गाँव. होली में इस गाँव में आज भी वर्षों पुरानी परम्परा का पालन किया जाता है. सोवां गांव में आज भी होली के एन मौके पर मांसाहार का सेवन नहीं किया जाता है. हर जाति, धर्म और समुदाय के लोग इस परम्परा का पालन करते है. 

सोवां गाँव के निवासी मीरा देवी, उपेन्द्र सिंह, मुन्ना सिंह और धर्म्नेद्र पाण्डेय ने बताया की होली के दिन दोपहर तक इस गाँव में रंग खेला जाता है. इसके बाद गाँव के पूरब स्थित पौराणिक भूवरनाथ शिव में नए कपडे पहनकर अबीर चढ़ाया जाता है. मान्यता है की यहाँ भगवान शिव प्रकट हुए थे. जिससे गाँव के लोग होली के दिन मांसाहार का सेवन नहीं करते हैं. 

होली के कुछ दिन पहले से ही यहाँ होली को लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है. जिसमें दूर दराज से आये लोग शामिल होते हैं. ग्रामीणों ने बताया की पूर्वजों द्वारा शुरू किये गए इस परम्परा से सभ्यता और संस्कृति को मजबूती मिलती है. साथ ही लोगों को एक सूत्र में पिरोकर भाईचारे के साथ प्रेम पूर्वक जीवन जीने की सीख भी देती है. अब इस परम्परा को आसपास के गाँव के लोग भी मानने लगे हैं. 


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