पूर्व सांसद ने "जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम" पर कसा तंज, कहा यह सामन्ती मानसिकता की निशानी है

पूर्व सांसद ने "जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम" पर कसा तंज, कहा यह सामन्ती मानसिकता की निशानी है

PATNA : पांच साल के बाद जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम की फिर से शुरुआत की गयी है. जहाँ आम जनता की समस्याओं का निपटारा किया जा रहा है.इस जनता दरबार पर कभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ रह चुके पूर्व सांसद अरुण कुमार ने सवालिया निशान खड़ा किया है. उन्होंने कहा की यह पूरी तरह दिखावा है. नीतीश कुमार पूरी तरह से फेल है. इसलिए जनता दरबार लगा रहे हैं. उन्होंने कहा की जनता दरबार अपने आप में हास्यास्पद है. जनता दरबार का मतलब ही है की सरकार फेल है. 

उन्होंने कहा की जनता दरबार सामन्ती मानसिकता का द्योतक है. ये कुंठित लोग है, जो राजा की तरह दिखाने के लिए जनता दरबार लगते हैं.सिस्टम है. आप डिलीवर नहीं कर पा रहे हैं. आप खुद भ्रष्टाचार में डूबे है. जनता दरबार क्या लगायेंगे. इस तरह जनता दरबार सरकार के फेल होने की निशानी है. जो काम बीडीओ का है. उसे भेज दिया जाता है. नहीं तो जाड़ा के दिन में आग ताप लिया जाता है. लोगों को केवल थोड़ी देर संतुष्टि हो जाती है की मुख्यमंत्री से मिल आये हैं. 

जनता दरबार में एक महिला का चेन चोरी हो जाने पर अरुण कुमार ने तंज कसते हुए कहा की सोचिए जहां मुख्यमंत्री बैठे हो. वहां चेन चोरी हो जाता है. अन्य जगह पर तो इसका पता भी नहीं चलता. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण अपने आप हो जाएगा. जब महिलाएं शिक्षित हो जाएगी. इस पर उन्होंने कहा कि जहां महिला शिक्षक को पीटा जाता हो. लोग 10-12 साल से शिक्षक बनने का इन्तजार कर रहे हो. सरकारी शिक्षा व्यवस्था जगजाहिर है. उन्हीं के मंत्री कह रहे हैं कि 50 हज़ार शिक्षक जाली है. जो अच्छे शिक्षक हैं, वे भी अपमानित हो रहे है. वहां कहां से मुख्यमंत्री शिक्षा की बात कर रहे हैं. जो कानून यह बनांते हैं. उसमें भ्रष्टाचार इन बिल्ट है.

पटना से रंजन की रिपोर्ट 

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