यूपी के बाहुबली विधायक राजा भैया के पिता नजरबंद, हर साल बंदर की याद में कराते हैं भंडारा

यूपी के बाहुबली विधायक राजा भैया के पिता नजरबंद, हर साल बंदर की याद में कराते हैं भंडारा

Desk: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की कुंडा विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक और सूबे के पूर्व कैबिनेट मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह को नजरबंद कर दिया गया है. उनको उनके ही घर में दो दिन के लिए नजरबंद किया गया है. जिला प्रशासन ने यह कदम मोहर्रम के दिन होने वाला भंडारा रोकने के लिए उठाया है.

जिला प्रशासन के मुताबिक उदय प्रताप सिंह की नजरबंदी 29 अगस्त की शाम 5.00 बजे से प्रभावी होगी. वे 30 अगस्त की रात 9.00 बजे तक नजरबंद रहेंगे. पुलिस ने इस संबंध में नोटिस भी भदरी गेट पर चस्पा कर दी है. बताया जाता है कि उदय प्रताप सिंह के साथ ही 10 अन्य लोगों को भी नजरबंद किया गया है. उदय प्रताप सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर भंडारे के आयोजन की अनुमति मांगी थी.

जिला प्रशासन ने कोरोना वायरस से संक्रमण के खतरे को देखते हुए उदय प्रताप सिंह को मोहर्रम के दिन भंडारे की अनुमति नहीं दी. जिला प्रशासन ने भंडारे के आयोजन पर रोक लगा दी है. मोहर्रम के दिन भंडारे पर रोक लगाने के बाद इलाके में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं. कुंडा के शेखपुर और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है.

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब मोहर्रम के दिन होने वाले भंडारे के आयोजन पर रोक लगाई गई है. सीएम योगी की सरकार में पहले भी मोहर्रम के जुलूस पर रोक लगाई जा चुकी है. बता दें कि मोहर्रम के दिन उदय प्रताप सिंह की ओर से एक बंदर की याद में हर साल भंडारे का आयोजन किया जाता रहा है. साल 2005 में मोहर्रम के दिन हनुमान मंदिर पर किसी बंदर को गोली मार दी गई थी. इसके बाद से ही उसकी पुण्यतिथि पर लोग भंडारे का आयोजन करते हैं. 2015 से राजा भैया के पिता ने मंदिर पर पूजा-पाठ को भव्य रूप दे दिया. इसके बाद दो समुदाय में टकराव देखते हुए जिला प्रशासन ने 2016 में इस आयोजन पर रोक लगा दी थी.  

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