राजाराम के जयकारे के साथ भूमि पूजन जारी, जानिए कब और कितने समय में तैयार हो जाएगा राम मंदिर

राजाराम के जयकारे के साथ भूमि पूजन जारी, जानिए कब और कितने समय में तैयार हो जाएगा राम मंदिर

Ayodhya : रामनगरी अयोध्या में यह रामकथा का नया अध्याय है, 492 वर्ष तक चली संघर्ष-कथा का अपना 'उत्तरकांड' है। अपनी माटी, अपने ही आंगन में ठीहा पाने को रामलला पांच सदी तक प्रतीक्षा करते रहे तो रामभक्तों की 'अग्निपरीक्षा' भी अब पूरी हो रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा अयोध्या में भूमि पूजन के साथ ही राम मंदिर निर्माण का कार्य तेजी से शुरू हो जाएगा. इसके बावजूद सबके मन में सवाल यही है कि भव्य राम मंदिर कब तक बनकर तैयार हो जाएगा और श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन करने का मौका कब मिलेगा. ऐसे में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट ने राम मंदिर की सीमा तय कर रखी है और 2024 के पहले अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा.

राममंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट ने भूमि पूजन के बाद साढ़े तीन साल का लक्ष्य रखा है. शुरुआती ढेड़ साल में मंदिर का भूमि तल पर निर्माण कार्य को पूरा करने का वक्त तय किया है. इसके बाद अगले दो सालों में ऊपरी दोनों तलों पर निर्माण कार्य को पूरा करने का टारगेट रखा है. इस तरह से साढ़े तीन साल में मंदिर के शिखर तक के काम को पूरा कर लेना है.

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट ने अयोध्या में मंदिर निर्माण का साढ़े तीन साल में हर हाल में बनाने का टारगेट रखा है. ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण के लिए लार्सन एंड टूब्रो कंपनी को काम सौंपा है. हालांकि, ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण के लिए 32 महीने के अंदर का वक्त दे रखा है ताकि अगर कुछ थोड़ा बहुत काम रह जाए तो उसे बाकी समय में पूर कर लिया जाए.

दरअसल, देशभर में जिन जिन जगहों पर शिला पूजन हुआ है, उन सभी शिलाओं का इस्तेमाल राम मंदिर के निर्माण में किया जाएगा. इतना ही नहीं अयोध्या के कारसेवक पुरम में बनाई गई कार्यशाला में जो पत्थर तराश के रखे गए हैं, उनका भी इस्तेमाल राम मंदिर के निर्माण में होगा. इन शिलाओं और पत्थरों के अलावा भी अयोध्या के कारसेवक पुरम में हजारों हजार की संख्या में ईंट भी रखी हुई हैं, जिनको देश के अलग-अलग हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा के तौर पर यहां पर रखा है.




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