बदला 123 साल पुराना कानून, अब स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

बदला 123 साल पुराना कानून, अब स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

N4N DESK : मानसून सत्र के आज 6वें दिन शनिवार को राज्यसभा से महामारी रोग विधेयक, 2020  पास हो गया। ब्रिटिस शासन के दौरान 1897 में बनाये गए इस महामारी कानून में अबतक कोई बदलाव नहीं हुआ था। इस साल अप्रैल में देश के स्वास्थ्य कर्मचारियों के खिलाफ हमलों के लिए कड़ी सजा देने के लिए महामारी रोग अधिनियम, 1897 में संशोधन करने के लिए सरकार अध्यादेश लाई थी।लोकसभा से पहले ही पास हो चुका महामारी रोग विधेयक (संशोधन) विधेयक 2020 आज राज्यसभा में शनिवार को पास हो गया। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने संसद में विधेयक पेश किया। राज्यसभा में डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, 'कोरोना से जुड़े कलंक के कारण, कई स्वास्थ्यकर्मियों जिसमें डॉक्टरों, पैरामेडिक्स शामिल हैं, उनका किसी न किसी रूप में अपमान किया गया। केंद्र सरकार ने इस स्थिति पर कार्रवाई की और पाया कि इस तरह की घटनाओं के खिलाफ एक कानून, एक निषेधात्मक तंत्र की आवश्यकता है।

स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करने वालों पर सख्त सजा का प्रावधान

बता दें कि इस विधेयक में महामारी के दौरान देश में डॉक्टर्स, नर्स, आशा कार्यकर्ताओं की सुरक्षा, जबकि हमला करने वालों के लिए सजा का प्रावधान है। इसके तहत डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करने वालों को अधिकतम सात साल तक की सजा हो सकती है।

वहीं हमला करने वालों पर 50 हजार से 2 लाख के जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा तीन महीने से पांच साल की सजा भी हो सकती है। जबकि गंभीर चोट के मामले में अधिकतम 7 साल की सजा हो सकती है। ये गैरजमानती अपराध होगा। 

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