सोशल एक्टिविस्ट फ़ोरम ने सत्याग्रह पद यात्रा का किया आयोजन, मनेर को रिंग रोड से जोड़ने की मांग

सोशल एक्टिविस्ट फ़ोरम ने सत्याग्रह पद यात्रा का किया आयोजन, मनेर को रिंग रोड से जोड़ने की मांग

PATNA : आज एक तरफ़ जहाँ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनता से वर्चुअल रैली के माध्यम से जनसंवाद किया.  वहीं राजधानी पटना से सटे मनेर में युवाओं ने रिंग रोड सत्याग्रह पद यात्रा किया. पूरा मामला मनेर का है जहाँ रिंग रोड को मनेर से काटे जाने को लेकर युवाओं ने सत्याग्रह पद यात्रा किया. जिसकी शुरुआत मनेर पड़ाव शहीद भगत सिंह चौक से हुई और लगभग 7 किलोमीटर दूर गौरैयास्थान पर समाप्त हुई. मनेर से रिंग रोड को काटे जाने के मुद्दे को लेकर सोशल एक्टिविस्ट फ़ोरम के बैनर तले रिंग रोड सत्याग्रह किया गया. हाथों में तिरंगा झंडा लिए रिंग रोड को मनेर से जोड़ने का नारा लगाते हुए हज़ारों की संख्या में युवा और समाजसेवी इस 7 किलोमीटर की पद यात्रा में शामिल हुए. हालांकि बीच में स्थानीय प्रशासन द्वारा उन्हें रोकने की भी कोशिश की गई. 

लेकिन बाद में उन्हें 1 किलोमीटर तक यात्रा करने की इजाज़त दे दी गई. इस पद यात्रा की शुरुआत में मनेर दरग़ाह, त्रिवेणी संगम, गगन बाबा और बिटेश्वर नाथ मंदिर से तिरंगा यात्रा के साथ हुई. जिसमें तिरंगा झंडा लिए युवाओं ने इन प्रमुख स्थानों पर जाकर दर्शन किया और पूरे नगर में घूमते हुए भगत सिंह स्मारक के पास से हज़ारों की संख्या में एकत्रित हुए. उसके बाद लोगों को साथ लेते गौरैयास्थान तक पैदल यात्रा किया. आपको बताते चलें की मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट रहे रिंग रोड के पहले डीपीआर में मनेर नगर से गुजारा जाना था. लेकिन  अंतिम समय में मनेर के शेरपुर से ही उसे दिघवाड़ा की तरफ मोड़ दिया गया. इससे पहले भी रिंग रोड के मुद्दे को लेकर मनेर में मुख्यमंत्री का पुतला दहन सहित कई तरह के प्रदर्शन हुए और लगातार प्रदर्शन अभी भी जारी है. 

सोशल मीडिया पर भी रिंग रोड के मुद्दे को लेकर स्थानीय विधायक और साँसद की जमकर किरकिरी हुई. तब जाकर स्थानीय विधायक भाई वीरेंद्र ने इस मुद्दे को इस बार के मॉनसून सत्र में उठाया. हालांकि इसपर किसी ने आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा. news4nation लगातार रिंग रोड के मुद्दे को प्रमुखता से चलाता रहा और इससे जुड़े हर आंदोलन को प्रमुखता से दिखाता रहा. इस पद यात्रा के बारे में SAF के सदस्य ने बताया की रिंग रोड को लेकर पिछले कई दिनों से हम लोग अपने स्तर से शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे हैं. पहले हमनें मनेर पड़ाव पर, ब्लॉक पर फिर पेठिया बाजार पर प्रदर्शन किया. सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक अपनी बात पहुँचाई. अब हमनें सड़क पर उतरते हुए सत्याग्रह किया. राज्य सरकार लगातार मनेर को विकास से महरूम कर रही हैं. डीपीआर के अंतिम रूप में इसे मनेर नगर से काट दिया गया. 

उन्होंने कहा की रिंग रोड मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट था. लेक़िन उन्हें मनेर के लोगों के सपनों की कोई फ़िक्र नहीं है. इससे बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण बात ये है की हमारे साँसद और विधायक ने भी इस मामले में महज़ खानापूर्ति की. सत्याग्रह का यह पहला चरण हैं आगे भी सत्याग्रह के साथ प्रदर्शन जारी रहेगा. 

पटना ग्रामीण से सुमित कुमार की रिपोर्ट

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