रिश्वत लेने के आरोप में बारां कलेक्टर को मिली छह माह की सजा, बने कैदी नंबर 2446

रिश्वत लेने के आरोप में बारां कलेक्टर को मिली छह माह की सजा, बने कैदी नंबर 2446

उदयपुर। रिश्वत लेने के आरोप में एसीबी द्वारा रंगे हाथ पकड़े गए बारां कलेक्टर इंद्र सिंह राव को छह माह के लिए जेल भेज दिया गया है। 9 दिसबंर को हुए गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को रिमांड की अवधि पूरा होने के बाद एसीबी के अधिकारी उन्हें कोटा जिला एवं सेशन जज योगेंद्र कुमार पुरोहित के बंगले पहुंचे जहां न्यायाधीश ने इंद्र सिंह को 6 जनवरी तक जेल भेजने के आदेश दिए हैं। जिसके बाद उन्हें कोटा सेंट्रल जेल भेज दिया है. राव का कैदी नम्बर 2446 है और उन्हें बैरक नम्बर 24 में रखा गया है।

यह है आरोप 

आएएस आईएस राव पर आरोप है कि उन्होंने अपने पीए के जरिए पेट्रोल पंप की एनओसी जारी करने के एवज में 1 लाख 40 हजार रिश्वत ली थी, जिसमें नौ दिसंबरा को एसीबी की टीम ने बारां कलेक्टर इंद्र सिंह राव के पीए महावीर नागर को गिरफ्तार किया था. पूछताछ में उसने बताया था कि उच्चाधिकारी के कहने पर पैसे लिए जाते थे. जो रकम ली गई है वो पूरी ही कलेक्टर को देनी थी. एसीबी की पूछताछ में पीए ने बताया था कि रिश्वत की रकम में कुछ हिस्सा बाबुओं था, बाकी कलेक्टर का हिस्सा था. जिसके बाद पूछताछ के लिए कलेक्टर राव को बुलाया गया था, जहां से उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। 


गिफ्ट में मिले चांदी के सिक्के की तलाश

एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक इंटेलिजेंस जयपुर सीपी शर्मा  ने बताया कि  जिस फाइल को लेकर अप्रूवल ली गई थी, हमने उसकी डिटेल भी ली है.  सीपी शर्मा का कहना है कि जो चांदी का सिक्का कलेक्टर को गिफ्ट में मिलने की बात कही जा रही थी, वह अभी तक तलाशी में नहीं मिला है. आईएएस इंद्र सिंह राव ने एसीबी को बताया कि वह बारां में हो सकता है. ऐसे में जब भी बारां के बंगले की तलाश होगी तो उस संकेतक को भी तलाशा जाएगा. ऐसे में तब सिक्का वहां पर प्राप्त हो सकता है.  फिलहाल गिरफ्तारी के बाद कलेक्टर राव की संपत्ति की भी जांच शुरू कर दी गई है। 

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