कांग्रेस के इस बड़े दिग्गज नेता को राजद भेजेगी राज्यसभा, नाम फाइनल, लालू प्रसाद कर सकते हैं औपचारिक घोषणा

कांग्रेस के इस बड़े दिग्गज नेता को राजद भेजेगी राज्यसभा, नाम फाइनल, लालू प्रसाद कर सकते हैं औपचारिक घोषणा

PATNA : बिहार में होनेवाले राज्यसभा के पांच सीटों के लिए आज से नामांकन शुरू हो रहा है। इन सबके बीच राजद ने दो सीटों पर अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है। इनमें एक सीट पर लालू प्रसाद की बड़ी बेटी मीसा भारती का नाम पहले से ही तय है। वहीं दूसरे नाम को लेकर पार्टी में पेच फंसा हुआ था। जो अब काफी हद तक साफ हो चुका है। पार्टी से जो जानकारी सामने आ रही है, उसकी मानें तो दूसरी सीट के लिए राजद ने कांग्रेस के बड़े नेताओं में शामिल और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल का नाम तय कर लिया गया है। अब सिर्फ औपचारिक घोषणा होना बाकि है। बताया जा रहा है कि लालू प्रसाद खुद इसका ऐलान कर सकते हैं।  चुनाव के लिए राज

यह लोग भी थे रेस में

इस सीट के लिए बाबा सिद्दीकी, कपिल सिब्बल और रुस्तम खान का नाम दौड़ने लगा था. लेकिन राजद के आला नेताओं की मानें तो इस सीट के लिए सहमति बन गई है और राजद की दूसरी सीट से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल राज्यसभा में जाएंगे। कपिल सिब्बल के नाम चुने जाने की एक वजह लालू प्रसाद के कोर्ट केस से भी जुड़ा बताया जा रहा है। चारा घोटाले में जेल में बंद लालू प्रसाद को जमानत पर रिहा कराने में कपिल सिब्बल की भी बड़ी भूमिका थी। जिसका इनाम अब पार्टी की तरफ से दिया जा रहा है।


लालू के लिए कानूनी लड़ाई में होगी बड़ी मदद

अगर कपिल सिब्बल राजद के कोटे से राज्यसभा में जाते हैं तो वह दूसरे वकील होंगे. दरअसल इसके पहले राम जेठमलानी राजद की सीट पर राज्यसभा में जा चुके हैं। राजनीतिक प्रेक्षकों की माने तो इस वक्त लालू प्रसाद के लिए कपिल सिब्बल को राज्यसभा भेजना बेहतर ऑप्शन हो सकता है। क्योंकि खुद लालू प्रसाद कई केस में उलझे हुए हैं। सीबीआई की नई छापेमारी के बाद उनके परिवार के कई सदस्य भी इसके लपेटे में आ गए हैं। ऐसे में उनको एक वकील की भी जरूरत भविष्य में पड़ सकती है, जो इन सारे केस को देख सकें। अगर इस समीकरण के हिसाब से देखा जाए तो भी कपिल सिब्बल का नाम सबसे पहले आता है।

हिना शहाब भी एक कारण

राजद के एक वरिष्ठ नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि राजद, बाबा सिद्दीकी या फिर रुस्तम खान पर अपना दांव नहीं खेलने वाली है। इसका सबसे बड़ा कारण सिवान के पूर्व सांसद स्वर्गीय मोहम्मद शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब हैं। रुस्तम खान और बाबा सिद्दिकी दोनों मुस्लिम चेहरा हैं। अगर पार्टी इन्हें राज्यसभा भेजती तो संभव है कि हिना शहाब के समर्थक इसका विरोध करते, जिससे पार्टी को मुस्लिम वोट का नुकसान उठाना पड़ता। ऐसे में दोनों पर रिस्क लेने की जगह पार्टी ने एक सुरक्षित चेहरे पर दांव लगाना ज्यादा बेहतर समझा।

Find Us on Facebook

Trending News