BIHAR NEWS : लेडी ई-रिक्शा चालक पिंकी के जज्बे को सलाम, कहा- बच्चों को पढ़ाकर बनाना है डॉक्टर और इंजीनियर

BIHAR NEWS : लेडी ई-रिक्शा चालक पिंकी के जज्बे को सलाम, कहा- बच्चों को पढ़ाकर बनाना है डॉक्टर और इंजीनियर

BHAGALPUR : बच्चों को डॉक्टर और इंजीनियर बनाने की जिद ने एक महिला को ई-रिक्शा चलाने पर मजबूर कर दिया है। महिला का नाम पिंकी देवी है, जो सुल्तानगंज प्रखंड अंतर्गत बाथ थाना क्षेत्र के नयागांव पंचायत स्थित उत्तर टोला ऊंचागांव निवासी मजदूर अमरजीत शर्मा की पत्नी है। वह हर दिन घर से ई-रिक्शा लेकर निकलती हैं और पूरे दिन मेहनत और इमानदारी के दम पर धन अर्जित करती हैं। 


पिंकी ने बातचीत के क्रम में अपनी स्थिति साझा करते हुए बताया कि वह मुंगेर जिला के असरगंज थाना अंतर्गत ममई गांव की रहने वाली है। चार भाई-बहन में सबसे बड़ी है। वो पढ़-लिखकर कुछ बनना चाहती थी, लेकिन उसके पिता सुरेन शर्मा की आर्थिक स्थिति ठीक नही रहने के कारण आठवीं तक ही पढ़ाई कर सकी। 

वर्ष 2010 में उसकी शादी ऊंचागांव में सुबोध शर्मा के पुत्र अमरजीत से हो गई। यहां उसके पति के पास रहने के लिए अपनी जमीन भी नही है। उनके गोतिया ने रहने के लिए मौखिक रुप से कुछ जमीन दी है, जिसमें सास-ससुर सहित पति-बच्चों के साथ रहती है। पिंकी के चार बच्चे हैं। इनमें दो पुत्री 10 वर्ष की वर्षा और सात वर्ष की रिया व दो पुत्र पांच वर्ष का शिवम और तीन वर्ष का सत्यम हैं।

चार बच्चों की मां पिंकी ने बच्चों को बेहतर शिक्षा और घर की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का संकल्प लिया और सब्जी बेचकर ई-रिक्शा ख़रीदा। अब सवारी बिठाकर प्रतिदिन 500-800 रुपये कमाती है। खुद 8 वीं पास पिंकी बच्चों को डाक्टर और इंजीनियर बनाना चाहती है। वह साफ़ कहती है की 'मैं नहीं पढ़ सकी तो क्या... बच्चों को पढ़ाऊंगी।'

भागलपुर से अंजनी कुमार कश्यप की रिपोर्ट 

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