केंद्रीय गृह मंत्री की "जनभावना सभा" को संजय जयसवाल ने बताया ऐतिहासिक, कहा आश्रम की जगह ढूंढना शुरू कर दें सीएम नीतीश

केंद्रीय गृह मंत्री की "जनभावना सभा" को संजय जयसवाल ने बताया ऐतिहासिक, कहा आश्रम की जगह ढूंढना शुरू कर दें सीएम नीतीश

PATNA : पूर्णिया में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह की सभा को ऐतिहासिक बताते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने कहा की ‘जनभावना सभा’ ने सीमांचल में हुई अब तक कि सारी जनसभाओं की सफलता का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस सभा को विफल करने की सरकार की तमाम साजिशों के बावजूद इस सभा में तकरीबन 2 लाख लोगों की उपस्थिति रही। उन्होंने कहा की हर बाधा को पार करते हुए रिकॉर्डतोड़ संख्या में लोगों का आना यह दिखाता है कि ‘जनभावना’ भाजपा के साथ है और ‘रबर स्टैंप’ सीएम को जनता गद्दी से हटाना चाहती है। 


वहीँ राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि अमित शाह के दौरे से सरकार में बैठे लोग अंदर से हिल चुके हैं। यही वजह है कि इन लोगों ने इस सभा में जनता को आने से रोकने के लिए एड़ी-चोटी का ज़ोर लगा दिया। सरकारी मशीनरी का जमकर और खुलेआम दुरूपयोग किया गया। किशनगंज से आ रही 70 बसों को शहर में घुसने तक नहीं दिया गया। जगह-जगह पर जानबूझ कर जाम लगवा दिया गया। हालात ऐसे थे कि ऐन मौके पर एसपी साहब ने अपना मोबाइल तक बंद कर दिया था। लेकिन जनता ने इनके मंसूबों पर पानी फ़ेर दिया। हजारों लोग कई किलोमीटर का सफ़र तय कर के इस सभा में पहुंचे। सरकार के कुत्सित प्रयासों की धज्जियां उड़ा कर लाखों लोगों का इस सभा में पहुंचना, लोगों का अमित शाह और भाजपा के प्रति प्रेम और विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार यह जान लें कि अमित शाह सूर्य हैं, जिनके तेज को उनकी साजिशों के बादल कभी ढांप नहीं  पाएंगे। उन्होंने कहा कि इस सभा में उमड़ी भीड़ ने नीतीश कुमार का सिंहासन हिला दिया है। अमित शाह के पूछे सवालों और उठाये गये मुद्दों का उनके पास कोई जवाब नहीं है। यही वजह है कि उनके बयानवीर नेता ईधर-उधर के बयान देते हुए अपना चेहरा छिपा रहे हैं।  

नीतीश कुमार से सवाल पूछते हुए डॉ जायसवाल ने कहा कि नीतीश कुमार और उनके नेता बार-बार झूठ बोलते हैं कि केंद्र सरकार ने बिहार के लिए कुछ नहीं किया। अमित शाह ने उनके इस झूठ के भी परखच्चे उड़ा दिए हैं। पाई-पाई का हिसाब देते हुए उन्होंने बताया कि प्रधानमन्त्री ने 2015 में बिहार के विकास के लिए 1.25 लाख करोड़ रु देने का वादा किया था। लेकिन वास्तविकता में केंद्र सरकार इससे भी अधिक 1.35 लाख करोड़ रु खर्च कर चुकी है। अब नीतीश कुमार को अमित शाह के सवालों का जवाब देते हुए बताना चाहिए कि उन्होंने इन वर्षों में बिहार के लिए क्या किया है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि हकीकत यही है की नीतीश कुमार ने हाल के वर्षों में केंद्र द्वारा बिहार के हित में किये जा रहे कार्यों का श्रेय लूटने के बजाए कुछ नहीं किया है। उदाहरण के तौर पर आज के दिन ही वह जिस एथेनॉल प्लांट के जरिए 5000 लोगों को रोजगार देने का दावा कर रहे हैं, वह भी केंद्र सरकार की ही योजना के तहत निर्मित है। वहां के उत्पादन को भी केंद्र सरकार ही खरीदेगी। यानी उन 5000 लोगों का वेतन भी केंद्र के जरिए ही आएगा। वास्तव में आज नीतीश कुमार का पूरा समय पीएम बनने का सपना देखने और भाजपा के खिलाफ साजिशों का जाल बुनने में ही बीत रहा है। 

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जान चुके हैं कि जनता में उनके खिलाफ जबर्दस्त आक्रोश है। इसीलिए वह अंदर ही अंदर बेहद डरे हुए हैं। नीतीश कुमार यह जान लें कि उनकी कोई भी चाल कामयाब नहीं होने वाली है। वह जान लें कि उनकी तुगलकी सरकार के गिनती के दिन बचे हैं। उन्हें दुबारा सत्ता सुख कभी नसीब नहीं होने वाला है। 2024 में देश और 2025 में प्रदेश में भाजपा पूर्ण बहुमत से सत्ता में आने वाली है। इसलिए हमारी उन्हें सलाह है कि अपने और अपने बयानवीर नेताओं के लिए आश्रम बनाने की जगह ढूंढना शुरू कर दें।

विवेकानंद की रिपोर्ट 

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