संसद में कवि कोकिल महाकवि विद्यापति जी की प्रतिमा स्थापित हो : गोपाल जी ठाकुर

संसद में कवि कोकिल महाकवि विद्यापति जी की प्रतिमा स्थापित हो : गोपाल जी ठाकुर

दिल्ली: दिल्ली में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी से दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर ने मुलाकात की उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के सर्वोच्च मंदिर संसद भवन में मिथिला और मैथिली के धरोहर कवि कोकिल महाकवि बाबा विद्यापति जी की प्रतिमा स्थापित करने की मंत्री से मांग की है. सांसद श्री ठाकुर ने कहा महाकवि बाबा विद्यापति जी का जन्म मिथिला क्षेत्र के मधुबनी जिला अंतर्गत बिस्फी में 1352 ई० में हुआ.

उन्होंने कहा कि साक्षात देवों के देव भगवान महादेव ने 'उगना' के रूप में प्रकट होकर बाबा विद्यापति जी की सेवा की थी. सांसद ने कहा कि महाकवि बाबा विद्यापति जी का प्रभाव मैथिली, अवहट्ट और संस्कृत के अलावा अन्य पूर्वी साहित्यिक परंपराओं में भी अतुल्यनीय रहा है. उन्होंने कहा कि पूर्व से वर्तमान समय तक सम्पूर्ण मिथिला में शुभ कार्यक्रमों की शुरुआत विद्यापति जी द्वारा रचित रचना से ही होती रही है. श्री ठाकुर ने कहा कि बाबा विद्यापति जी साहित्य, संस्कृत, संगीत, ज्योतिष, दर्शन, नीति शास्त्र, इतिहास, भूगोल एवं विधि आदि के प्रकांड विद्वान थे. उन्होंने कहा कि बाबा विद्यापति जी मिथिला, मैथिल और मैथिली के धरोहर है तथा उनके प्रति सम्पूर्ण मिथिलावासियों में अटूट श्रद्धा है.

विदित हो कि प्रति वर्ष देश के विभिन्न राज्यों में मिथिला के महान विभूति बाबा विद्यापति जी के स्मृति पर्व का आयोजन मिथिलावासी गौरव के साथ करते है. सांसद गोपाल जी ठाकुर ने कहा कि मिथिला-मैथिल के लिए गर्व की बात है कि कवि कोकिल महाकवि विद्यापति जैसे महान व्यक्ति(देव पुरुष) ने मिथिला की पावन भूमि पर जन्म लिया. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के सर्वोच्च मंदिर 'संसद भवन' में बाबा विद्यापति जी की प्रतिमा के स्थापित होने से आठ करोड़ मिथिलावासी सहित सम्पूर्ण देशवासी गौरवान्वित होंगे.

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