शराब से हुई मौत पर पप्पू यादव ने सीएम से मांगा जवाब - कौन है इसके लिए जिम्मेदार

शराब से हुई मौत पर पप्पू यादव ने सीएम से मांगा जवाब - कौन है इसके लिए जिम्मेदार

मुजफ्फरपुर। जहरीले सेवन से हुई मौत को लेकर सियासत गर्मा गई है। पहले गोपालगंज और फिर मुजफ्फरपुर में हुई मौत को लेकर नीतीश सरकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं। एक के बाद एक कई नेता इन मौतों के लिए जिला प्रशासन और पुलिस को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, जिनमें एक नाम जाप प्रमुख पप्पू यादव का भी शामिल हो गया है। रविवार को मुजफ्फरपुर के कटरा में जहरीले शराब से हुई मौत के बाद पीड़ित परीजनों से मिलने पहुंचे पप्पू यादव ने इन मौतों को हत्या करार दिया है। उन्होंने कहा है कि सिर्फ थाना प्रभारी को सस्पेंड कर खानापूर्ति करने से काम नहीं चलेगा। इसके लिए जिले के एसपी, डीएम और संबंधित विभाग के मंत्री भी बराबर दोषी हैं, उनके खिलाफ धारा 302 के तहत केस दर्ज होना चाहिए।

 उन्होंने कहा कि यह ऐसा मामला है जिससे सीएम खुद को बचा नहीं सकते हैं। हर दिन राज्य में डे़ढ़ करोड़ से अधिक की शराब जब्त की जाती है, जिसमें यह बात सामने आती है कि वह किसी मंत्री या विधायक या उनके नाम पर मंगाई जाती है, उनके गोदाम में रखी जाती है. लेकिन उनके खिलाफ कभी कार्रवाई नहीं होती है। एक साधारण से कर्मचारी पर केस कर बड़े लोगों को बचा लेते हैं। पप्पू यादव ने बड़े शराब कारोबारी बउआ डॉन, मुकेश और प्रमोव का जिक्र करते हुए कहा कि यह कौन है।

मुजफ्फरपुर उत्तर बिहार का अड्डा

बिहार में साढ़े चार हजार ट्रक डेली बिहार में प्रवेश करता है, आज पांच साल बाद गुजरने के बाद हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि आपने कहा था कि शराब बंदी पर डीएम और एसपी पर कार्रवाई की जाएगी, लेकिन आज तक किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। पप्पू यादव ने दावा किया कि उत्तर बिहार में मुजफ्फरपुर शराब डंप करने का मुख्य केंद्र हैं, यहां हर दिन कम से कम हजार ट्रक शराब आती है। उन्होंने कहा ऐसे लोग जो शराब के काले धंधे में इस तरह लिप्त हैं, उन्हें जेल भेजने की जगह सीधे शूट करना बेहतर है। उन्होंने गोपालगंज और मुजफ्फरपुर में हुई मौत को लेकर 302 का मामला दर्ज करने करना चाहिए। इन्होंने मौतों को लेकर तीन माह में स्पीडी ट्रायल कर दोषियों को सजा दिलाई जाए। 

जाप प्रमुख ने आज साइकिल से चलनेवाला बड़ी गाड़ियों में चल रहे हैं, यह पैसा कहां से आता है। क्या इन पर कभी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा आज बिहार में यह सबसे बड़ा व्यापार बन गया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहार में सभी नेता और अधिकारियों की संपत्ति की जांच की जाए। पटना में 20 से अधिक अधिकारी ऐसे हैं जो 20 साल से एक ही जमे हुए हैं, क्यों उन्हें वहां से नहीं हटाया जा रहा है। पप्पू यादव ने सवाल किया कब तक बड़े लोगों को बचाने के लिए छोटे की बलि ली जाएगी। इस पर रोक लगनी चाहिए।

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