शिया वक्फ बोर्ड की सदस्या शहनाज फातमा ने अध्यक्ष पर लगाए गंभीर आरोप, कहा अपनी मर्जी से चला रहे हैं बोर्ड

शिया वक्फ बोर्ड की सदस्या शहनाज फातमा ने अध्यक्ष पर लगाए गंभीर आरोप, कहा अपनी मर्जी से चला रहे हैं बोर्ड

PATNA : शिया वक्फ बोर्ड एवं बार कौंसिल की सदस्या शहनाज फातमा ने बोर्ड के अध्यक्ष अफजल अब्बास पर बेरोजगार नौजवान इरफान हुसैन को नौकरी के नाम पर ठगी करने, कोविड काल में ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी, कब्रिस्तान की अतिक्रमित जमीन पर रहने और वक्फ बोर्ड में रजिस्टर्ड नहीं करने, वक्फ की जमीन बेचने का एनओसी देने, जावेद अहमद ऊर्फ बब्लू मटकी द्वारा पैसे और वक्फ के जमीन की सांठगांठ करने इत्यादि का आरोप लगाया है। 

उन्होंने कहा कि बोर्ड में मनमाने तरीके से काम हो रहा है। अध्यक्ष अपनी मर्जी से बिना सदस्यों को बताए सारा काम अवैध तरीके से कर रहे हैं और जो सदस्य बोलते हैं उन्हें पैसा देने की बात करते हैं या धमकी देते हैं। इनपर नौकरी के नाम पर ठगी के मामले में 419, 420 का केस भी दर्ज है और एसपी की रिपोर्ट में इन्हें ठग घोषित करते हुए चार्जशीटेड किया गया है। कोर्ट में भी इन्होंने नौकरी के नाम पर ठगी की बात कबूल किया है और कोर्ट ने पैसा वापस करने की शर्त पर बेल देने की बात कही है। इन सब का प्रमाण मौजूद है। 

उन्होंने कहा की अफजल अब्बास सबको नीतीश कुमार की फोटो दिखाकर खुद को उनका करीबी बताते हैं। लेकिन ये बता दें कि वक्फ अधिनियम 1995 (संशोधित 2013) अधिनियम सं 0 27 की धारा 15, सेक्शन 16(घ–क) में ये साफ लिखा है कि "बोर्ड में सदस्य नियुक्त किए जाने या बने रहने के लिए ये ज़रूरी है कि वो किसी वक्फ संपत्ति पर अतिक्रमण का दोषी न हो"। जबकि वर्तमान अध्यक्ष अभी भी अपने पैतृक गांव में कब्रिस्तान की जमीन पर बने मकान में रह रहे हैं। फिर नीतीश सरकार ने इन्हें चेयरमैन कैसे बना दिया, ये सोचने वाली बात है। शहनाज फातमा ने कई वक्फ एस्टेट के अध्यक्ष और उनके आदमियों द्वारा मोटी रकम वसूलने की बात भी कही है जिसमें पटना के कुम्हरार की जिन्नती मस्जिद भी शामिल है। इनके गोरखधंधों में इनका परिवार और बबलू मटकी भी पूरी तरह शामिल है। यही इनकी कमाई का जरिया है।फातमा ने सरकार से मांग की है की ऐसे भ्रष्ट इंसान को वक्फ एक्ट में प्रावधान के तहत तुरंत पद से हटाया जाए।

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