शिक्षक नियोजन में धांधली का जालसाजों ने निकाला अनोखा तरीका, डीईओ ने कहा होगी कार्रवाई

शिक्षक नियोजन में धांधली का जालसाजों ने निकाला अनोखा तरीका, डीईओ ने कहा होगी कार्रवाई

SARAN : जिले में दूसरे चरण के तहत शिक्षक नियोजन की प्रक्रिया 2 अगस्त से शुरू होकर 13 अगस्त तक चली। लेकिन इस बार भी फर्जीवाड़ा करने वाले बाज नहीं आए और बहाल भी हो गए। सूत्रों और साक्ष्य से जो जानकारी मिल रही उसके अनुसार कई तरह का फर्जीवाड़ा करके अपने चहेते को नियोजन इकाइयों के कर्मियों व सदस्यों ने बहाली करा ली है। माध्यमिक व प्लस टू बहाली के तहत जिला स्कूल में पकड़े गए महिला व पुरूष अभ्यर्थी इस बात के बड़े सबूत हैं। इसके अलावा गड़बड़ी मिलने की शिकायत मिलने के बाद कई प्रखंडों का भी शिक्षक नियोजन रद्द किया गया और दुबारा काउंसलिंग करायी गयी। अब जो बात सामने आ रही है कि पंचायतों में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा कर अपने चहेतों को बहाल करा लिया गया है। इसमें एकमा प्रखंड एक नंबर पर है। इसके अलावा अन्य प्रखंडों की पंचायत शिक्षक नियोजन इकाइयों ने भी मनमानी की है और अपने मनोनुकूल अभ्यर्थियों को बहाल करा लिया है।

पंचायतों में ऐसे हुआ है फर्जीवाड़ा, जांच से फूटेगा भांडा

जिले में पंचायत शिक्षक नियोजन के दौरान हर वो तरकीब अपनाया गया, जससे चहेतों की बहाली हो सके। इसके लिए पहले से ही फर्जी अभ्यर्थियों को एक नंबर पर खड़ा कर दिया गया, फिर उन्हें काउंसलिंग में बुलाया गया। उनका चयन भी कर लिया गया। चयन होता देखा उसके पीछे वाले दो व तीन नंबर पर के अभ्यर्थी वापस चले गए, क्योंकि एक सीट थी वो भर गया या सोचकर वापस चले गए। फिर आयी चहेतों की बारी तो पहले नंबर पर आए फर्जी अभ्यर्थी को वापस भेज दिया गया और घोषणा कर दी गयी कि पहले नंबर का अभ्यर्थी चला गया है, इसलिए दूसरे या तीसरे नंबर के अभ्यर्थी आएं, फिर चहेतों की बारी आ गयी और उनका चयन कर लिया गया। इतना ही नहीं मेधा अंक प्रतिशत इतना बढ़ा दिया गया कि जो वास्तविक अभ्यर्थी थे टिक नहीं पाए, फर्जियों ने जगह ले लिया। नाम नहीं छापने के शर्त पर एक नियोजन इकाई के कर्मी ने बताया कि चयन हो जाने के बाद यदि मेधा अंक में गड़बड़ी सामने आती है तो इसे मानवीय या क्लर्कियल भूल करार देकर उसे कानून से बचने का भी रास्ता खोल दिया जाएगा। एकमा प्रखंड, जलालपुर, लहलादपुर, मकेर, पानापुर, गड़खा समेत अन्य प्रखंडों से इस तरह की गड़बड़ी किए जाने की सूचना अभ्यर्थी दे रहे हैं। अधिकारिक पुष्टी केवल एक-दो प्रखंडों की हुई है जिसमें कहा गया है कि इन प्रखंडों के पंचायत नियोजन इकाईयों ने गड़बड़ी की है।

ये था नियोजन का शेड्यूल

सारण में छठे चरण के शिक्षक नियोजन के दूसरे फेज के तहत 2 अगस्त को नगर निकाय, 4 अगस्त को प्रखंड नियोजन इकाई और 9 अगस्त को पंचायत नियोजन इकाई के द्वारा काउंसलिंग करायी गयी। सामाजिक विज्ञान विषय में अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग नगर निकाय नियोजन इकाई के द्वारा 2 , 4 और 5 अगस्त को की गयी। वही प्रखंड नियोजन इकाई के द्वारा 7,9 और 10 अगस्त को काउंसलिंग के लिए स्थल निर्धारित किया गया था। पंचायत नियोजन इकाई के द्वारा प्रखंड मुख्यालय में 13 अगस्त को सामाजिक विज्ञान विषय में काउंसलिंग करायी गयी। अधिसूचना के तहत तृतीय चरण में नगर निकाय में 2 अगस्त, प्रखंड नियोजन इकाई में 4 अगस्त और पंचायत नियोजन इकाई में 9 अगस्त को काउंसिलिंग की तिथि निर्धारित की गई थी। नगर निकाय नियोजन इकाई में 2 अगस्त को जिला मुख्यालय में सामाजिक विज्ञान विषय में वर्ग 6 से लेकर 8 तक के लिए शिक्षक अभ्यर्थियों की काउंसलिंग की गई। वही नगर निकाय में 4 अगस्त को जिला मुख्यालय में गणित, विज्ञान एवं भाषा विषय में वर्ग 6 से लेकर 8 तक के लिए शिक्षक अभ्यर्थियों की काउंसलिंग की गई। वही 5 अगस्त को नगर निकाय नियोजन इकाई के द्वारा जिला मुख्यालय में वर्ग 1 से लेकर 5 तक के लिए शिक्षक अभ्यर्थियों की काउंसलिंग की गई। प्रखंड नियोजन इकाई के द्वारा 7 अगस्त को जिला मुख्यालय में सामाजिक विज्ञान विषय में वर्ग 6 से लेकर 8 तक के लिए शिक्षक अभ्यर्थियों की काउंसलिंग की गई। वही 9 अगस्त को प्रखंड नियोजन इकाई के द्वारा जिला मुख्यालय में गणित, विज्ञान और भाषा विषय में वर्ग 6 से लेकर 8 तक के लिए शिक्षक अभ्यर्थियों की काउंसलिंग की गई। जबकि 10 अगस्त को प्रखंड नियोजन इकाई के द्वारा जिला मुख्यालय में वर्ग 1 से लेकर 5 तक के लिए शिक्षक अभ्यर्थियों के चयन को लेकर काउंसलिंग की गई। वही 13 अगस्त को पंचायत नियोजन इकाई के द्वारा प्रखंड मुख्यालय में वर्ग 1 से 5 के लिए शिक्षक अभ्यर्थियों की काउंसलिंग की गई। प्रथम चरण के काउंसलिंग में जिन नियोजन इकाइयों की काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई अथवा चयन सूची में गड़बड़ी पाए जाने पर काउंसलिंग की प्रक्रिया स्थगित या रद्द करने की अनुशंसा की गई थी। ऐसे नियोजन इकाइयों में अंतिम मेधा सूची की उपलब्ध रहने पर निर्धारित की गई समय तालिका के अनुसार काउंसिलिंग की कार्रवाई की गई। जहां अंतिम मेधा सूची का प्रकाशन नहीं हुआ था अथवा अन्य कोई कठिनाई थी। वैसे नियोजन इकाई के लिए तीसरे चक्र में काउंसलिंग की तिथि निर्धारित की जाएगी ।

क्या कहते हैं डीईओ

जो भी शिकायतें आ रही हैं उनकी जांच हो रही है। जहां गड़बड़ी है उनके खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की जा रही है। एक भी फर्जी को बहाल नहीं होने देंगे। जो हकदार है उसका उसको हक मिलेगा।

सारण से संजय भारद्वाज की रिपोर्ट

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