25 हजार का सिक्का लेकर नामांकन का पर्चा खरीदने पहुंचे BSP उम्मीदवार, कर्मियों को सिक्के गिनने में छूटे पसीने

25 हजार का सिक्का लेकर नामांकन का पर्चा खरीदने पहुंचे BSP उम्मीदवार, कर्मियों को सिक्के गिनने में छूटे पसीने

नालंदा : जिले में लोकसभा चुनाव के लिये नामांकन का पर्चा खरीदने के लिए जब बसपा प्रत्याशी शशि कुमार समाहरणालय पहुंचे तो अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गई. वे जमानत की राशि जमा करने के लिए एक दो और पांच रुपए का सिक्का लेकर पहुंचे थे.

सबसे पहले समाहरणालय के मुख्य द्वार पर चार भारी भरकम झोले को देख सुरक्षाकर्मियों ने जब झोले की जांच की तो झोले के भीतर सिक्के देख स्तब्ध रह गए. उसके बाद वे निर्वाचन शाखा पहुंचे. जहां 25000 की जमानत राशि के सिक्के गिनने में नजारत शाखा के कर्मचारियों के पसीने छूट गए. पुरे सिक्के गिनने  में कर्मियों को 2 घंटे से अधिक का समय लगा.

सिक्का जमा करने के पीछे उनका यह तर्क था कि दुकानदार से लेकर बैंक तक भारतीय मुद्रा को लेने में आनाकानी करते है. यह भारतीय मुद्रा का अपमान होता है. कई जगहों पर एक-एक का सिक्का जमा हो चुका था और आम आदमी काफी परेशान होते दिख रहे थे। इसी के कारण उन्होंने लोगो से चंदा करने का काम किया और लोगो से वैसे सिक्के को चन्दा के रूप में लिया जिसे लोग लेने से इंकार कर देते हैं | नियमानुसार भारतीय मुद्रा को लेने से सरकारी दफ्तर इंकार नही कर सकता इस लिए समाहरणालय कर्मी को मजबूरन यह सिक्का लेना पड़ा.

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