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टेंशन में हैं साहेब, अब बिहार सरकार ने दे दिया सोशल मीडिया पर फॉलोवर्स बढ़ाने का जिम्मा, 19 जिला के अधिकारियों से जवाब तलब,30 मिनट फेसबुक लाइव क्यों नहीं हुआ...बताओ

टेंशन में हैं साहेब, अब बिहार सरकार ने दे दिया सोशल मीडिया पर फॉलोवर्स बढ़ाने का जिम्मा, 19 जिला के अधिकारियों से जवाब तलब,30 मिनट फेसबुक लाइव क्यों नहीं हुआ...बताओ

पटना-  पिछले कुछ दशकों में राजनीतिक परिदृश्य काफी बदल गया है. इंटरनेट ने इस परिवर्तन में एक बड़ी भूमिका निभाई है. सोशल मीडिया, विशेष रूप से, अब राजनीतिक अभियानों में एक गंभीर कारक है और जिस तरह से लोग मुद्दों के बारे में सोचते हैं.सोशल मीडिया ने राजनीति को बदलने का एक तरीका है जिस पर समाचार, सरकार से जुड़ी नीतियां  साझा की जाती हैं. जबकि पहले  लोगों को नवीनतम जानकारी प्राप्त करने के लिए अगले समाचार पत्र या टीवी समाचार शो का इंतजार करना पड़ता था.सोशल मीडिया ने एक कदम आगे बढ़ाया है. जब आप किसी भी समय कई वेबसाइटों पर समाचार का उपयोग कर सकते हैं, तो अधिकांश लोग गंभीर समाचारों या राजनीतिक वेबसाइटों पर फेसबुक और ट्विटर जैसी साइटों पर अधिक समय बिताते हैं.जब भी आप लॉग ऑन करते हैं, तो आपको नवीनतम सूचनाएं,समाचार और विचार आसानी से मिल जाते हैं.इसलिए सरकार भी सोशल मीडिया के महत्व को समझ रही है और उनका कदम भी उस ओर बढ़ चला है.

बिहार में नीतीश कुमार  के नेतृत्व वाली सरकार ने सोशल मीडिया में अपनी उपस्थिति में सुधार लाने के लिए व्हाट्सऐप, फेसबुक और ट्विटर पर नगण्य गतिविधि वाले जिलों को इन मंचों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने और आमजन से अपना सरोकार बढ़ाने को कहा है. सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने सोशल मीडिया पर उपस्थिति में सुधार के लिए कुछ जिलों के प्रदर्शन पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सऐप सहित विभिन्न सोशल मीडिया मंच के माध्यम से बिहार सरकार की उपलब्धियों और कल्याणकारी उपायों से आमजन को अवगत कराने का निर्देश दिया है.संबंधित अधिकारियों को भी इन मंचों पर सक्रिय रहने और फॉलोअर की संख्या बढ़ाने का प्रयास करने के लिए कहा गया है. आईपीआरडी विभाग द्वारा हाल में आयोजित एक विचार-मंथन सत्र के दौरान कहा गया था, ‘‘जिला पीआरडी अधिकारियों द्वारा अपने संबंधित जिलों के सोशल मीडिया मंच पर फॉलोअर्स की संख्या बढ़ाकर हर व्यक्ति और हर सामाजिक वर्ग तक पहुंचने का प्रयास किया जाना चाहिए. अररिया जिला में जिला प्रशासन के ट्विटर हैंडल पर फॉलोअर्स की संख्या ‘‘मार्च, 2023 में 12,899 से गिरकर अप्रैल, 2023 में 11,00'' हो गई है और इसके सोशल मीडिया संपर्क में गिरावट देखी गई है। सीवान और जमुई जैसे जिलों में इसी अवधि के दौरान क्रमशः नौ और सात फॉलोअर्स को जोड़ने के बावजूद उनकी कुल संख्या दो अंकों में भी नहीं पहुंची थी.


सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निर्देश के बाद सभी जिलों के जन सम्पर्क पदाधिकारी तनाव में आ गए हैं. नए निर्देश के बाद जन सम्पर्क अधिकारियों दबाव महसूस करने लगे हैं. सीवान और जमुई जैसे जिलों में इसी अवधि के दौरान क्रमशः नौ और सात फॉलोअर्स को जोड़ने के बावजूद उनकी कुल संख्या दो अंकों में भी नहीं पहुंची थी. अन्य जिले जिन्हें फॉलोअर्स की संख्या बढाने को कहा गया है उनमें औरंगाबाद (11), शिवहर (17), मधेपुरा (25), लखीसराय (27), किशनगंज (55), शेखपुरा (64), भोजपुर (64), अरवल (67), सीतामढ़ी (68), खगड़िया (74) और मधुबनी (87) शामिल हैं. दूसरी ओर, बिहार की राजधानी पटना जिला 1341 नए फॉलोअर्स के साथ शीर्ष पर रहा, इसके बाद नालंदा (566), पूर्वी चंपारण (304) और मुजफ्फरपुर (270) का स्थान रहा.बिहार सरकार के एक अधिकारी ने बताया, ये तय किया गया है कि विभाग अगस्त में फेसबुक लाइव सत्र आयोजित करने में विफल रहने वाले जिला अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगेगा. उन्होंने कहा, इसने विभिन्न विभागों को फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और व्हाट्सऐप सहित विभिन्न सोशल मीडिया मंच पर राज्य सरकार की उपलब्धियों और कल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डालने के लिए अधिक सक्रिय होने का भी निर्देश दिया है.

अप्रैल के महीने में 2000 फॉलोअर्स को जोड़ने के साथ पटना फिर से यहां शीर्ष पर रहा, उसके बाद गोपालगंज (1000) और वैशाली (1000) का स्थान रहा. लोकतंत्र पर सोशल मीडिया के प्रभाव के बारे में सच्चाई है कि वह मानवीय गुणों, सकारात्मक और नकारात्मक दोनों गुणों, को बढ़ावा देता है. अपने सबसे अच्छे रूप में यह हमें खुद को व्यक्त करने और खुद को बेहतर बनाने का मौका देता है,.दुनिया भर में सोशल मीडिया लोगों के लिये सरकार के कामकाज में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने एवं आवाज़ उठाने के लिये एक बेहतर प्लेटफॉर्म बनकर उभरा है। इसके जरिये समकालीन मुद्दों पर चर्चा करना, किसी घटना के कारण एवं परिणामों पर चर्चा और नेताओं को जवाबदेह ठहराना आसान हो गया है.

सोशल मीडिया अपेक्षाकृत नया है, हम सिर्फ समाज पर इसके प्रभाव को देखना शुरू कर रहे हैं. सोशल मीडिया के कारण आने वाले कई राजनीतिक बदलाव निश्चित हैं.जैसे-जैसे सोशल मीडिया अधिक लोकप्रिय होगा, राजनीति पर इसका प्रभाव समय के साथ बढ़ेगा, इतना तय है.


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