तो मान लें कि नवादा में नहीं होता है बालू का अवैध कारोबार, आधा दर्जन चेक प्वाइंट पर घंटों जांच के बाद नहीं मिला कोई मामला

तो मान लें कि नवादा में नहीं होता है बालू का अवैध कारोबार, आधा दर्जन चेक प्वाइंट पर घंटों जांच के बाद नहीं मिला कोई मामला

NAWADA : एक तरफ प्रदेश के अधिकांश जिलों में बालू का अवैध खनन जोरों पर है, वहीं नवादा जिला ऐसा है, जहां बालू खनन का अवैध धंधा नहीं होता है। कम से जिला परिवहन विभाग का काम तो यही बताता है। जिनके अधिकारी जिले के कई चेक पोस्ट पर रात में घंटों चेकिंग करते हैं, लेकिन कोई बालू की अवैध लोडिंग किए हुए कोई गाड़ी वहां ने गुजरी और न ही कोई कार्रवाई की गई। अब इसे पुलिस प्रशासन की कामयाबी कह लें या लें विभाग में छिपा कोई मुखबिर, जिन्होंने पहले से ही चेकिंग की सूचना लीक कर दी. यहां तीसरा विकल्प मिली भगत का हो सकता है। क्योंकि जिस तरह दूसरे जिलों में बालू के अवैध खनन में अधिकारियों की संलिप्तता सामने आई है। अब इस पर कोई आश्चर्य नहीं है।

खबरों की मानें तो प्रशासन बालू के अवैध खनन, परिवहन और ओवरलोडिंग जैसे मामलों की नियमित निगरानी में जुटा है। बुधवार से ही  देर रात जिला प्रशासन के वरीय पदाधिकारी अवैध बालू खनन की निगरानी को जांच-पड़ताल करते देखे गए। डीएम यश पाल मीणा के निर्देश पर जिला परिवहन पदाधिकारी अभ्येन्द्र मोहन सिंह और सदर एसडीओ उमेश कुमार भारती ने सदर अनुमंडल के कई क्षेत्रों का दौरा किया और अवैध बालू खनन के मामलों की जांच पड़ताल की। इस दौरान पदाधिकारियों ने औचक निरीक्षण कर जिले के कई चेकप्वॉइंट पर तैनात मजिस्ट्रेट की कार्यशैली को जांचा-परखा। 

सदर एसडीओ ने बताया कि अनुमंडल क्षेत्र में अवैध बालू खनन, परिवहन और ओवरलोडिंग जैसे गैर कानूनी कार्यों पर पूर्णतया प्रतिबंध हैं। इसे सख्ती से लागू करने को लेकर अभियान के तहत कार्रवाई जारी है। उन्होंने बताया कि किसी भी व्यक्ति की अवैध बालू खनन में संलिप्तता पकड़ी गई. तो सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।

रातों रात गायब हो गए सभी बालू के तस्कर

प्रशासन की टीम देर रात वारिसलीगंज पहुंची। वहां पैंगरी, मसनखावां, नारोमुरार जैसे अवैध बालू खनन वाले इलाकों का देर रात जायजा लिया। लेकिन इन सभी स्थलों पर पूर्णतया शांति रही। अवैध बालू खनन संबंधी कोई मामला नहीं पाया गया। साथ ही अधिकारियों ने चांदनी चौक, शाहपुर चौक और खरांट मोड़ पर बने चेकप्वॉइंट का जायजा लिया, वहां तैनात मजिस्ट्रेट ड्यूटी पर हाजिर दिखे। कादिरगंज में बालू बिक्री संबंधी जानकारी ली गई। बालू ओवरलोडिंग न हो, इसको लेकर कम्प्यूटर और ट्रैक्टरों पर लोड बालू की जांच-पड़ताल की गई। बालू की ओवरलोंडिग कर सरकारी राजस्व को हानि पहुंचाने जैसा कोई मामला प्रकाश में नहीं आया। हालांकि सदर एसडीओ ने कहा कि यदि अवैध बालू खनन, परिवहन और ओवरलोडिंग का कोई भी मामला है, तो नागरिक प्रशासन को गुप्त सूचना दे सकते हैं। उनके नाम को पूरी तरह गोपनीय रखते हुए कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा।

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