..तो मोतिहारी DAO ने अर्जित की अकूत संपत्ति ? कृषि सचिव के आदेश पर जांच, मोतिहारी में रहे दूसरे अफसर ने भी 'बीवी' के नाम खरीदी जमीन को छुपाया

..तो मोतिहारी DAO ने अर्जित की अकूत संपत्ति ? कृषि सचिव के आदेश पर जांच, मोतिहारी में रहे दूसरे अफसर ने भी 'बीवी' के नाम खरीदी जमीन को छुपाया

PATNA: बिहार के भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ जांच एजेंसी की कार्रवाई लगातार जारी है। हर महीने दो-तीन बड़ी मछलियों के ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। कुछ दिन पहले ही बक्सर के जिला कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार और चार दिन पहले पटना में भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता के ठिकानों पर निगरानी की छापेमारी हुई थी। कई ऐसे अफसर हैं जिनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने को लेकर विभाग में शिकाय़त की गई है। विभाग के स्तर से जांच के भी आदेश दिये गये हैं. वहीं कुछ ऐसे अफसर हैं जो पत्नी के नाम पर संपत्ति अर्जित करते हैं लेकिन संपत्ति के ब्योरा में उसे छिपा लेते हैं. 

कृषि सचिव के आदेश पर हुई जांच 

मोतिहारी के जिला कृषि पदाधिकारी के खिलाफ भी गंभीर आरोप लगे हैं. इस संबंध में कृषि विभाग से शिकायत की गई थी।  कृषि सचिव के आदेश पर जांच के आदेश दिये गए।. 1 नवंबर 2022 को कृषि विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी सुनील कुमार झा ने मुजफ्फरपुर के संयुक्त निदेशक को पत्र लिखा था. पत्र में कहा गया था कि चंद्रदेव प्रसाद जिला कृषि पदाधिकारी पूर्वी चंपारण के खिलाफ अवैध ढंग से आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत की गई है. ऐसे में परिवादी के प्राप्त आवेदन और सबूत के आधार पर दूसरे पक्ष को सुनवाई का अवसर देते हुए मामले की जांच कर जांच प्रतिवेदन 1 माह के अंदर उपलब्ध कराएं। 

क्या कहते हैं जिला कृषि पदाधिकारी 

इस संबंध में जब मोतिहारी के जिला कृषि पदाधिकारी चंद्रदेव प्रसाद से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हां विभाग के स्तर से जांच हुई है. हम पर जो आरोप लगे थे उन तमाम बातों का जिक्र हमने संपत्ति के ब्योरा में किया हुआ है। हमने कहीं कोई अवैध संपत्ति या आय से अधिक संपत्ति अर्जित नहीं की है। शिकायतकर्ता ने जो भी संपत्ति का जिक्र किया है उसे हम पहले से ही संपत्ति के ब्योरा में सार्वजनिक किये हुए हैं. 

शिकायत में अकूत संपत्ति अर्जित करने के आरोप 

मोतिहारी के जिला कृषि पदाधिकारी के खिलाफ आरोप है कि उन्होंने 10 वर्षों में अकूत संपत्ति अर्जित की है। पटना से लेकर उत्तरप्रदेश के कई शहरों में पत्नी और अपने नाम पर जमीन की खरीद की है. साथ ही रिश्तेदारों के नाम से भी जमीन की खरीद की गई है. कृषि विभाग को जो ब्यौरा दिया गया है उसमें पत्नी के नाम पर यूपी के परारी एवं रतनपुरा में 6 बीघा जमीन, पत्नी के नाम पर ही यूपी के पडरौना में 5 कट्ठा कमर्शियल जमीन, इसी जगह पर 1929 स्क्वायर फीट कमर्शियल जमीन पत्नी के नाम पर है. इसके अलावे पटना में 2100 स्क्वायर फीट कमर्शियल जमीन खुद के नाम पर है. गोरखपुर में 311 स्क्वायर फीट कमर्शियल जमीन है. खुद और पत्नी के नाम पर करोड़ों रुपए के फिक्स्ड डिपॉजिट एवं करोड़ों रुपए के सोने चांदी के गहने हैं। 

मोतिहारी में पदस्थापित रहे कृषि विभाग के अफसर भी चालाक  

अब जरा कृषि विभाग के दूसरे अधिकारी के बारे में जान लें. वो अधिकारी कुछ महीने पहले तक मोतिहारी में जिला स्तरीय अधिकारी के तौर पर पदस्थापित थे। लेकिन सरकार ने पांच महीने पहले ही उन्हें वहां से हटा दिया। वर्तमान में मुख्यालय में हैं. उनके बारे में और जान लें. वे रोहतास जिले के रहने वाले बताए जाते हैं. उन्होंने भी अपनी पत्नी के नाम पर जमीन की खरीद की है। जो कागजात मिले हैं उसके अनुसार, 2019 में कृषि विभाग के अधिकारी ने अपनी पत्नी के नाम पर करीब 19 डिसमिल जमीन की खरीद की है। कागजात में उस जमीन का मूल्य 240000 रू बताई गई है। 2021-22 में कृषि(उद्धान) के उस अधिकारी ने अपनी संपत्ति का जो ब्योरा दिया है उसमें इस संपत्ति का जिक्र नहीं किया है। कई अन्य संपत्ति भी अर्जित किये जाने की जानकारी लगी है। संपत्ति के ब्योरा में उस संपत्ति को क्यों छुपाया, यह वही बता सकते हैं. लेकिन पत्नी के नाम पर अर्जित संपत्ति को छुपाना अपराध है और उसे अवैध तरीक से अर्जित संपत्ति की श्रेणी में रखा जाता है


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