नितिन पुजारी ने कहा कि हिंदू धर्म में गायों का बहुत मजबूत आध्यात्मिक प्रतीक है।

नितिन पुजारी ने कहा कि हिंदू धर्म में गायों का बहुत मजबूत आध्यात्मिक प्रतीक है।

DESK : सालासर बालाजी मंदिर के स्प्रिचुअल लीडर नितिन पुजारी का मानना है कि गौ सेवा अपने पापों के प्रायश्चित के लिए जरूरतमंदों और विशेष रूप से सर्वोत्तम तरीका है। जरूरमंद और   असहाय जानवरों को खाना खिलाना सर्वोत्तम बेहद नेक काम है। इसके अपने ज्योतिषीय लाभ हैं। उसमें भी गायों को खिलाना बेहद पुण्य का काम है। 

नितिन पुजारी ने आगे कहा कि हिंदू धर्म में गायों का बहुत मजबूत आध्यात्मिक प्रतीक है। गाय पृथ्वी का प्रतीक और हिनु वैदिक शास्त्रों में वर्णित सात माताओं में से एक हैं। यह भी एक है हिंदू संस्कृति में दृढ़ विश्वास है कि गाय में 33 करोड़ देवी-देवता मौजूद हैं। और इसलिए हिंदुओं के बीच गाय पूजा बहुत लोकप्रिय है। गाय का प्रतीक है हमारी मां। और माताएं किसी भी रूप में समर्पण और पूजा के उच्चतम क्रम में हैं। गायों का हिंदू संस्कृति में सर्वोच्च महत्व है, इसलिए गाय को भोजन करना पश्चाताप करने के सबसे महान तरीकों में से एक है। आपको इससे 100 गुना अधिक लाभ मिलता है। 

उन्होंने कहा कि गाय को खिलाना केवल उदारता का कार्य है। लेकिन यह आपकी कुंडली व घरों के हानिकारक प्रभावों को कम करने और दूर करने में भी मदद करता है।  अचल संपत्ति के कारोबार में बच्चा या मुनाफा चाहने वाले लोगों को एक गाय को खिलाना चाहिए। गाय को खिलाते समय आप गाय की आभा, सांस और गंध को अवशोषित करते हैं। जो आपके अंदर और आसपास की नेगेटिविटी को दूर करने में मदद करता है। और राहु के प्रभाव वाली नकारात्मक को दूर करने में भी मदद करता है। 


नितिन पुजारी कहते हैं कि गाय के पास होना और उसे आत्मसात करना सकारात्मक ऊर्जा है, जो आपको अवसाद से छुटकारा पाने और क्रोध को दूर करने में मदद करती है। सूर्य के अशुभ प्रभाव हर रविवार को गाय का भोग लगाने से आपकी कुंडली का भाव भी छोटा हो सकता है। इसके अलावा ज्योतिषीय लाभ और पापों का पश्चाताप, गायों को खिलाने से भी आपको अपार सुख मिलता है और आत्मिक शांति भी।


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