कांग्रेस के मैराथन में मची भगदड़, चीख-पुकार के बीच कई बच्चियां दबकर हुई घायल तो कांग्रेस का अजीब 'कुतर्क'

कांग्रेस के मैराथन में मची भगदड़, चीख-पुकार के बीच कई बच्चियां दबकर हुई घायल तो कांग्रेस का अजीब 'कुतर्क'

लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में कांग्रेस को मजबूत करने की जुगत में लगी प्रियंका गाँधी की रणनीति के तहत मंगलवार को बरेली में आयोजित लड़कियों की मैराथन में भगदड़ मचने से कई बच्चियां दबकर घायल हो गई. अचानक से सब कुछ अव्यवस्थित हो जाने से भीड़ अनियंत्रित हो गई और देखते देखते ही कई लडकियाँ दब गई. सुबह 10 बजे से मैराथन होना था जिसे लेकर बड़ी संख्या में लड़कियों की भीड़ जुटी थी. सब एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लगे थे उसी दौरान भगदड़ मचने से कुछ समय के लिए स्थिति अनियंत्रित हो गई. बाद में घायल बच्चियों को प्राथमिक उपचार कराया गया. 

मैराथन में भगदड़ मचने पर अब कांग्रेस विपक्ष के निशाने पर है. विपक्षी दलों ने इसे कांग्रेस द्वारा सुरक्षा से समझौता करना करार दिया है. हालाँकि विपक्ष का यह आरोप कांग्रेस को नागवार गुजरा है. कांग्रेस ने भगदड़ को मामलू बताते हुए यहाँ तक कह दिया कि नए साल पर जम्मू के माता वैष्णो देवी मंदिर में मची भगदड़ में सुरक्षा उपायों की कमी पर भाजपा और अन्य दल क्यों चुप्पी साधे हुए हैं. 

बरेली की पूर्व मेयर और कांग्रेस नेता सुप्रिया एरन ने कहा कि वैष्णो देवी में भी भगदड़ मच सकती है, तो ये तो बच्चियों की भीड़ है. उनका यह बयान अब लोगों की आलोचना का केंद्र बन गया है. लोग इसे असंवेदनशील बयान बता रहे है. इसी बीच जब हंगामा मचा तो सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक के सवाल पर कांग्रेसी नेता मीडिया कर्मियों से ही उलझ गई. हालाँकि बाद में उन्होंने कहा कि ये इंसानी फितरत होती है, लेकिन मैं मीडिया कर्मियों से धक्का-मुक्की के लिए माफी मांगती हूं. उन्होंने कहा कि भगदड़ की घटना एक साजिश भी हो सकती है. कांग्रेस के बढ़ते जनाधार की वजह से इस तरह की साजिश हो सकती है.

वहीं मैराथन के दौरान न तो कोविड बचाव के नियमों का कोई पालन दिखा और ना ही किसी प्रकार के सुरक्षा उपाय. यहाँ तक कि भगदड़ के बाद काफी देर तक कई बच्चियों को यहाँ वहां परेशान देखा गया. साथ ही सड़क पर बड़ी संख्या में जूते चप्पल बिखड़े पड़े दिखे. 

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