छात्र ने सुशासन की खोली पोल ! फिर क्या था.... मुख्यमंत्री ने दो बड़े अफसरों को किया तलब,दौड़े-दौड़े पहुंचे 2 विभाग के सचिव

छात्र ने सुशासन की खोली पोल ! फिर क्या था.... मुख्यमंत्री ने दो बड़े अफसरों को किया तलब,दौड़े-दौड़े पहुंचे 2 विभाग के सचिव

PATNA:  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जनता दरबार शुरू है। अक्टूबर महीने में दूसरे सोमवार को सीएम नीतीश शिक्षा,स्वास्थ्य,समाज कल्याण व अन्य विभागों की शिकायत सुन अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे रहे हैं. नवादा से आये एक शिक्षक ने सीएम नीतीश से पूर्व मंत्री व रेप कांड में जेल में बंद राजवल्लभ यादव के दामाद की शिकायत दर्ज कराई। वहीं समस्तीपुर से आये एक छात्र ने सीएम नीतीश से शिकायत की। इसके बाद सीएम ने तुरंत पिछड़ा-अति पिछड़ा विभाग के सचिव व शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को तलब किया। 

हाजिर हुए दो विभागों के सचिव 

समस्तीपुर से आये एक छात्र से मुख्यमंत्री से कहा कि हम पिछड़ा वर्ग से आते हैं। 2017 में ही मैट्रीक की परीक्षा पास की लेकिन उन्हें 10 हजार रू प्रोत्साहन राशि नहीं दी गई। जब सरकारी दफ्तर में जाते हैं तो धक्का मार भगा दिया जाता है। यह सुन मुख्यमंत्री गुस्से में आ गये। उन्होंने वहां मौजूद कर्मियों को कहा-पिछड़ा विभाग के सचिव को बुलाओ। फिर क्या सचिव महोदय भागे-भागे सीएम नीतीश के पास पहुंचे। फिर नीतीश ने कुमार ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को फोन लगाने को कहा। मुख्यमंत्री ने उन्हें फोन कर बुलाया। दोनों सचिव के हाजिर होने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा क्यों हो रहा है....आप दोनों इस मामले को देखिए......।

गजब-गजब का चीज आ रहा

इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गबज-गजब का चीज आ रहा। विकास मित्र को काहे नहीं तनख्वाह दे रहा है..पूछवाइए तो...इस पर सीएम ने ओएसडी ने कहा कि कुछ हुआ होगा इसीलिए मानदेय नहीं मिल रहा होगा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई आया है तो दिखवाइएगा न...पूछिए कि क्यों नहीं विकास मित्र को मानदेय मिल रहा?

राजवल्लभ यादव के दामाद की शिकायत 

शख्स ने सीएम नीतीश से कहा कि हम नवादा में पूर्व विधायक राजवल्लभ यादव के दामाद मुकेश जी के निजी कॉलेज में प्राचार्य के पद पर ज्वाइन किये। उस कॉलेज में कई तरह की गड़बड़ी है। हमने इस संबंध में कई जगह लिखा है। सबसे बड़ी समस्या वेतन का है। हमलोगों को वेतन नहीं दिया जा रहा। इस पर मुख्यमंत्री ने पूछा कि निजी कॉलेज है? जवाब मिला-हां। इसके बाद सीएम नीतीश ने उस व्यक्ति को शिक्षा विभाग के पास भेज दिया। 

मुंगेर से आई एक महिला शिक्षिका ने सीएम नीतीश से गुहार लगाई। शिक्षिका ने कहा कि हम भ्रष्ट तंत्र के शिकार हुए हैं। हमारे प्रमाण पत्र को फर्जी करार देते हुए शिक्षक पद से हटा दिया गया। जबकि उनका प्रमाण पत्र सही है। सभी जगह से जांच भी हो गई है लेकिन उन्हें फिर से सेवा में नहीं लिया जा रहा। इस पर मुख्यमंत्री ने शिक्षा मंत्री को फोन कर मामले को देखने को कहा। वहीं एक लड़की जो ग्रेजुएशन कर चुकी । फिर से उसे प्रोत्साहन राशि नहीं दी गई। 

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