ब्राह्मणों को गाली देने पर मांझी के पैतृक गांव के लोगों की ऐसी है प्रतिक्रिया, विष्णुपद के पंडाओं ने माना यह उनके राजनीतिक जीवन के अंत की शुरुआत

ब्राह्मणों को गाली देने पर मांझी के पैतृक गांव के लोगों की ऐसी है प्रतिक्रिया, विष्णुपद के पंडाओं ने माना यह उनके राजनीतिक जीवन के अंत की शुरुआत

GAYA :  बिहार के गया में जीतन राम मांझी का ब्राह्मणों के खिलाफ आग उगलना महंगा पड़ गया है। पूरे बिहार में ब्राह्मण समाज आक्रोशित हो चुका है। पिछले दिनों एक सभा में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने ब्राह्मणों को हरामी शब्द का अपशब्द उपयोग करते हुए गालियां दी थी। जीतन राम मांझी के बयान के खिलाफ पूरे बिहार में ब्राह्मण समाज आक्रोशित हो चुका है। वहीं दूसरी ओर जीतन राम मांझी के पैतृक गांव गया जिला के खिजरसराय अंतर्गत महाकार के लोग भी आक्रोशित हैं। 

एक ओर जहां पिछड़ा , दलित और उनके समुदाय के लोग तथाकथित अज्ञानी ब्राह्मणों के खिलाफ दिया गया यह बयान मान रहे हैं , तो वहीं दूसरी ओर अगड़ी जाति के लोगों ने कहा कि ब्राह्मण हरामी नहीं है बल्कि जीतन राम मांझी हरामी है , क्योंकि जीतन राम मांझी अपने कार्यकाल में जो बातें कही, उसे पूरा उन्होंने नहीं किया। इस तरह देखा जाए तो हरामी शब्द का उपयोग उनके ऊपर सार्थक होता है। 

पंडाओं ने फूंका मांझी का पुतला

इधर गया के विष्णुपद प्रांगण में ब्राह्मण और पंडा समाज भी आक्रोश के मूड में है। आक्रोशित ब्राह्मण और पंडा समाज के लोगों ने उग्र प्रदर्शन करते हुए जीतन राम मांझी का पुतला फूंका है। आक्रोशित पंडा समाज और ब्राह्मणों ने जीतन राम मांझी की राजनीतिक पतन का यह पहला कदम माना है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जीतन राम मांझी की अब जल्द ही राजनीति खत्म हो जाएगी , क्योंकि उनका अब अंतिम समय चल रहा है। इसलिए जिस दीपक का तेल खत्म होने लगता है उसकी लौ तेज हो जाती है। इस तरह देखा जाए तो पूरे बिहार में ब्राह्मण समाज बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के सुप्रीमो जीतन राम मांझी की खिलाफत शुरू हो चुकी है।



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