रघुवंश सिंह राजद रूपी कौरव दल में महारथी कर्ण थे,अब लालू प्रसाद की पार्टी ने धर्म युद्ध से पहले ही हार सुनिश्चित कर ली

रघुवंश सिंह राजद रूपी कौरव दल में महारथी कर्ण थे,अब लालू प्रसाद की पार्टी ने धर्म युद्ध से पहले ही हार सुनिश्चित कर ली

Patna : राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे पूर्व केन्द्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह का पार्टी का अलग होना इस समय बिहार की राजनीति का सबसे बड़ा मामला बना हुआ है। बीजेपी और जदयू के लिए तो यह राजद पर हमला करने का बैठे-बिठाए एक बड़ा मौका मिल गया है। 

राजद और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद लगातार हमलावर रहने वाले बीजेपी के वरिष्ठ नेता व बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने रघुवंश प्रसाद सिंह के बहाने एकबार पर राजद पर बड़ा निशाना साधा है। उन्होंने राजद को कौरव की संज्ञा देते हुए रघुवंश प्रसाद सिंह को उस दल का कर्ण बताया है। 

सुशील मोदी ने कहा है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री रधुवंश प्रसाद सिंह एक गलत पार्टी में अच्छे आदमी की तरह रहे। वे राजद के कौरव दल में महारथी कर्ण थे। उन्हें न रोक पाकर लालू प्रसाद की पार्टी ने धर्मयुद्ध की घोषणा से पहले अपनी पराजय सुनिश्चित कर ली। रधुबंश बाबू तो उसी समय पार्टी छोड़ देते, जब राजद ने ऊंची जाति के गरीबों को 10 फीसद रिजर्वेशन देने के मोदी- सरकार के फैसले का खुल कर विरोध किया था। परन्तु धैर्य की भी सीमा होती है।

डिप्टी सीएम ने कहा है सम्पत्ति का लोभ, परिवारवाद और पुत्र मोह ने लालू प्रसाद की राजनीतिक पारी लगभग खत्म कर दी। लालटेन में बुझने से पहले की भभक दिख रही है। जो भी लोग पिछले 30 साल में सामाजिक न्याय के उनके झांसे में आये, वे धीरे-धीरे उनसे अलग होते चले गए। जो किसी मजबूरी में उनके साथ हैं, उन्हें  किनारे लगा दिया गया। पैसे या जमीन लिखवाने के बदले टिकट देने वाले लालू प्रसाद ने पार्टी को अमीरों के हाथ बेच दिया। राजद अब राज्यसभा में भी गरीब-गुरबा को नहीं भेजता। 

सुशील मोदी ने कहा है कि वे इतने चुनाव केंद्रित हो गए हैं कि उन्हें न सुशांत सिंह राजपूत को न्याय दिलाने का मुद्दा विचलित करता है, न देश की वायसेना को राफेल मिलने से खुशी होती है और न ही बिहार को मिले 294 करोड के पैकेज में गरीब पशुपालकों-मछली पालकों की भलाई नजर आती है।

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