सुशील मोदी एक विचारधारा का नाम....बिहार भाजपा के नेता उन्हें अपना आदर्श मानते हैं

सुशील मोदी एक विचारधारा का नाम....बिहार भाजपा के नेता उन्हें

PATNA: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी कैंसर से पीड़ित हैं. उन्होंने बुधवार को x पर पोस्ट कर इस बात की जानकारी दी कि वह कैंसर से पीड़ित हैं. सुशील मोदी ने लोकसभा चुनाव में अपनी सक्रिय भूमिका को लेकर असमर्थता भी जताई. इस खबर के बाद उनकी पार्टी बीजेपी के भीतर और विरोधी दल के दूसरे नेता, कार्यकर्ता उनका हाल जानने के लिए बेचैन हो गएभाजपा प्रदेश मुख्यालय सह प्रभारी दिलीप मिश्र ने कहा है कि सुशील मोदी एक विचारधारा का नाम है।

भाजपा प्रदेश मुख्यालय सह प्रभारी दिलीप मिश्रा ने कहा कि मुझे उनमें काफी रुचि रही है. मैं उनके बारे में बहुत कुछ जान पाया और उनसे प्रभावित होकर ही उन्हें अपना आदर्श मानने लगा हूं। दिलीप मिश्र ने सुशील मोदी के बारे में कुछ जानकारी भी दी. उन्होंने बताया कि आंदोलन के लिए सुशील मोदी ने छोड़ दी थी एमएससी की पढ़ाई. पटना में रत्ना देवी-मोतीलाल मोदी के पुत्र के रूप में सुशील कुमार मोदी का जन्म 5 जनवरी 1952 को हुआ था। पटना के सेंट माइकल स्कूल से शुरूआती पढ़ाई करने वाले सुशील मोदी ने बीएन कालेज से बीएससी की डिग्री प्राप्त की. एमएससी की पढ़ाई बीच में छोड़कर वह जय प्रकाश नारायण के आंदोलन में कूद गए थे. 

ट्रेन में प्रो. जस्सी जार्ज से शुरू हुआ प्यार का सफर

उन्होंने 1987 में जेस्सी जार्ज से विवाह किया. जेस्सी जार्ज मुंबई के क्रिश्चियन कम्युनिटी से आती थीं। जेस्सी एक कालेज में प्रोफेसर हैं। उन दोनों की प्रेम कहानी एक ट्रेन के सफर के दौरान शुरू हुई थी। शुरू में उनके परिवार में विरोध भी हुआ। उनकी शादी में अटल बिहारी बाजपेई भी शामिल हुए थे। उनके दो बेटे उत्कर्ष ताथगेट और अक्ष अमृतांशु हैं। उत्कर्ष इंजीनयरिंग के क्षेत्र में काम कर रहे हैं, जबकि अक्षय अमृतांशु कानून के क्षेत्र में काम करते हैं। 3 दिसंबर 2017 को उत्कर्ष की शादी कोलकाता की रहने वाली एक चार्टर्ड एकाउंटेंट से हुई है।

लोन लेकर शुरू किया था कंप्यूटर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट

भाजपा नेता ने बताया कि 1988 में सुशील मोदी ने बैंक से 56 हजार रुपए लोन लेकर कंप्यूटर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खोला था, जहां वह अपनी पत्नी के साथ बच्चों को कंप्यूटर लैंग्वैज की ट्रेनिंग देते थे, लेकिन उन्हें यह रास नहीं आया। उन्होंने 1990 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा। पटना केंद्रीय विधानसभा ( कुम्हार विधानसभा ) क्षेत्र से विधायक बने। बीजेपी ने उन्हें विधानसभा दल का मुख्य सचेतक नियुक्त किया। 1996 से 2004 तक वह इस राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे। उन्होंने पटना हाईकोर्ट में लालू प्रसाद यादव के खिलाफ चारा घोटाले की जनहित याचिका दायर की थी। 2004 में वह भागलपुर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। बीजेपी के कद्दावर नेता 72 वर्षीय सुशील मोदी बिहार में 3 बार डिप्टी सीएम रह चुके हैं। वह वित्तमंत्री और राज्यसभा सांसद भी रहे हैं।

चारो सदनों के नेता रह चुके हैं सुशील मोदी

वर्ष 2000 में नीतीश सरकार में वह संसदीय कार्य मंत्री बने थे। उन्होंने झारखंड राज्य के गठन का समर्थन किया था। 2005 बिहार चुनाव में NDA सत्ता में आया तो सुशील मोदी को बिहार बीजेपी विधानमंडल दल का नेता चुना गया। जिसके बाद उन्होंने लोकसभा से इस्तीफा देकर उप मुख्यमंत्री बन गए.2017 में बिहार में जेडीयू-आरजेडी ग्रैंड एलायंस सरकार के पतन के पीछे सुशील मोदी का ही हाथ था।

RSS के पूर्ण कालिक सदस्य रहे हैं सुशील मोदी

भाजपा प्रदेश मुख्यालय सह प्रभारी दिलीप मिश्रा ने बताया कि भारत-चीन युद्ध, 1962 के दौरान सुशील मोदी खासे सक्रिय थे। उन्हें स्कूल के छात्रों को शारीरिक फिटनेस व परेड का प्रशिक्षण देने के लिये सिविल डिफेंस के कमांडेंट नियुक्त किया गया था। उसी साल नौजवान सुशील ने RSS यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सदस्यता ली। 1968 में उन्होंने RSS का 3 वर्षीय उच्चतम प्रशिक्षण लिया। मैट्रिक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने RSS के विस्तारक (पूर्ण कालिक वर्कर) की भूमिका में दानापुर व खगौल में काम किया। सुशील मोदी के परिवार का रेडीमेड वस्त्रों का पारिवारिक कारोबार था। उनके घरवाले चाहते थे कि वे कारोबार संभालें, लेकिन उन्होंने इस इच्छा के विपरीत जाकर राजनीति का रास्ता चुना।