रेप केस में आरोपियों से 5 लाख रिश्वत लेना डीएसपी को पड़ा महंगा, सरकार ने डिमोट कर बनाया इंस्पेक्टर

रेप केस में आरोपियों से 5 लाख रिश्वत लेना डीएसपी को पड़ा महंगा, सरकार ने डिमोट कर बनाया इंस्पेक्टर

N4N DESK : भ्रष्टाचार और सरकारी कर्मियों की लापरवाही को लेकर यूपी सरकार ने कई बार  कार्रवाई की है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश सरकार ने रिश्वतखोरी को लेकर एक सीओ को अजीबोगरीब सजा दी है। सरकार ने एक सीओ को डिमोट कर उसे इंस्पेक्टर बना दिया है। मामला यूपी के सीओ सिटी रहे विद्या किशोर शर्मा से जुड़ा है।


दरअसल रामपुर इलाके में एक महिला के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था। जिसका आरोप पूर्व गंज कोतवाल रामवीर सिंह यादव और अस्पताल संचालक विनोद यादव पर लगा था। इसकी जांच सीओ विद्या किशोर शर्मा कर रहे थे। लेकिन महिला ने शर्मा पर आरोपियों से  पांच लाख रूपये लेकर केस को दबाने का आरोप लगाया था। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के दौरान पीडित महिला ने इस मामले को लेकर आत्मदाह को कोशिश भी थी। रिश्वत का विडियो भी उपलब्ध कराया गया था। जिसकी जांच करने पर मामले को सही पाया गया था। तत्काल सीओ को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद जांच पूरी होने पर सीओ विद्या किशोर शर्मा को डिमोट कर दिया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस बात की जानकारी ट्विट कर भी है।  

बताया जा रहा है की विद्या किशोर शर्मा के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है। साथ शासन स्तर पर भी उनके खिलाफ जांच चल रही है। वह 10 महीने से डीजीपी कार्यालय से संबद्ध हैं। दूसरी तरफ बताया जा रहा है कि विद्या किशोर पहले पीएसी में प्लाटून कमांडर थे, जो कि इंस्पेक्टर का पद था।

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