अग्निपथ के विरोध में राजभवन मार्च पर निकले तेजस्वी यादव, बताया- कैसे रोजगार के नाम पर युवाओं के भविष्य से छलावा कर रही मोदी सरकार

अग्निपथ के विरोध में राजभवन मार्च पर निकले तेजस्वी यादव, बताया- कैसे  रोजगार के नाम पर युवाओं के भविष्य से छलावा कर रही मोदी सरकार

पटना. अग्निपथ योजना के विरोध में बिहार के विपक्षी दलों ने बुधवार को राजभवन मार्च किया. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन से जुड़े दलों के विधायकों और एमएलसी ने विधानमंडल से राजभवन तक मार्च किया. तेजस्वी यादव ने अग्निपथ योजना को देश के युवाओं के साथ छलावा करार देते हुए कहा कि अग्निपथ किसी भी तरह से देशहित में नहीं है. मोदी सरकार युवाओं को रोजगार देने नहीं छीनने आई है. मोदी सरकार ने जो 2 करोड़ रोजगार देने की घोषणा की थी उसका क्या हुआ. अब अग्निपथ के नाम पर 4 साल सेना में काम करने का मौका मिलेगा तो सवाल है कि चार साल के बाद वे युवा क्या करेंगे. देश के युवाओं और सेना दोनों के लिए अग्निपथ हितकर नहीं है. 

तेजस्वी यादव के साथ ही विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी और राजद तथा वाम दलों के दर्जनों नेता राज भवन मार्च में शामिल हुए. इस दौरान महागठबंधन के नेताओं ने जमकर नारेबाजी की. उन्होंने रोजगार के नाम पर बेरोजगारों को बरगलाना बंद करो, अग्निपथ वापस लो के नारों के साथ मोदी सरकार पर हमला किया. इस दौरान नेताओं ने अग्निपथ और देश में बेरोजगारी को लेकर केंद्र सरकार को विफल बताया. 


अग्निपथ योजना को लेकर राजद के साथ कांग्रेस ने भी विरोध जताया है. लेकिन बिहार कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह राजद के राजभवन मार्च का हिस्सा नहीं बनेगी. पार्टी की तरफ से बताया गया है कि यह राजद का कार्यक्रम है. इसमें कांग्रेस शामिल नहीं होगी. इसलिए कांग्रेस के नेता इससे दूर रहे.  

सेना में भर्ती के लिए लाई गयी ‘अग्निपथ योजना’ (Agnipath Scheme) को लेकर केंद्र सरकार विरोधियों के लगातार निशाने पर है. इस कड़ी में बिहार विधानसभा में नेता विपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने केंद्र की एनडीए सरकार (NDA Government) पर जमकर निशाना साधा. मंगलवार को दिल्ली से पटना पहुंचने पर तेजस्वी यादव ने एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा किकेंद्र सरकार ‘अग्निपथ योजना’ के नाम पर देश के युवाओं से नौकरी छीनने का काम कर रही है. उन्होंने कहा कि देश में रेलवे और सेना में ही नौकरियां थी, लेकिन रेलवे को पहले ही प्राइवेट कर दिया गया है, और अब सेना में जो भर्ती होगी उसको भी चार साल का कर दिया गया है.


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