बिहार कैबिनेट के दस बड़े फैसले, दानापुर-बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण में जमीन अधिग्रहण के लिए 456 करोड़ मंजूर

बिहार कैबिनेट के दस बड़े फैसले, दानापुर-बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण में जमीन अधिग्रहण के लिए 456 करोड़ मंजूर

PATNA: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज बिहार कैबिनेट की बैठक बुलाई थी। कैबिनेट मीटिंग वर्चुअल माध्यम से हुई। मंत्रिपरिषद की बैठक में सभी मंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। आज की कैबिनेट मीटिंग में 10 महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगी है। नीतीश कैबिनेट ने त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में परामर्शी समिति में अध्यक्ष-सदस्य नामित करने वाले प्रस्ताव पर मुहर लगा दी. 

 बिहार कैबिनेट के दस बड़े फैसले

बिहार कैबिनेट ने सप्तदश बिहार विधानसभा के द्वितीय सत्र तथा विधान परिषद के 197 वें सत्र के सत्रावसान पर मंत्री परिषद की मंजूरी मिली है. बिहार पुलिस मुख्यालय के दंगा निरोधी वाहनियों को विकसित करने के लिए विभिन्न प्रकार के वाहनों की खऱीद के लिए 36 करोड़ 41 लाख 20 हजार की स्वीकृति दी गई है . कोरोना संक्रमण से मृत व्यक्तियों के आश्रित को ₹400000 अनुग्रह अनुदान की राशि भुगतान के लिए 300 करोड़ रूपए आकस्मिकता निधि से देने का निर्णय लिया गया है. बिहार जिला आयुष चिकित्सा, राज्य आयुष चिकित्सा सेवा पर नियुक्ति एवं सेवा शर्त संशोधन नियमावली 2021 की मंजूरी दी गई है.

दानापुर-बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के लिए कुल 108 एकड़ भूमि के भू अर्जन के लिए 456 करोड़ 50लाख 57 हजार रू की प्रशासनिक स्वीकृति एवं 1.0029 एकड़ भूमि को भी रेलवे से होने वाले एमओयू में समाहित करने पर अनुमोदन प्रदान किया गया है. पटना विश्वविद्यालय के परिसर में गंगा नदी तट पर अवस्थित लॉ कॉलेज घाट पर राष्ट्रीय डॉल्फिन अनुसंधान केंद्र के निर्माण के लिए बिहार बिल्डिंग बाइलॉज 2014 के उप नियम को शिथिल करने का निर्णय लिया गया है। ग्रामीण विकास विभाग के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना एवं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीम के क्रियान्वयन को लेकर 11 अरब 73 करोड़ 93 लाख ₹8000 की राज्य आकस्मिकता निधि से अग्रिम स्वीकृति दी गई है.

मुखिया जी अब होंगे पंचायत परामर्शी समिति के अध्यक्ष

आज बिहार कैबिनेट की बैठक में पंचायती राज विभाग के प्रस्ताव परामर्शी समिति में अध्यक्ष-सदस्य बनाने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। पंचायत के मुखिया जी अब पंचायत परामर्शी समिति के अध्यक्ष होंगे।वहीं जिला परिषद के अध्यक्ष जिला परिषद परामर्श समिति के अध्यक्ष तो प्रमुख पंचायत समिति परामर्शी समिति के अध्यक्ष होंगे। त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्था का कार्यकाल 15 जून को खत्म हो रहा है  फिर भी पंचायत प्रतिनिधि काम करते रहेंगे। चुनाव होने तक सिर्फ नाम में परिवर्तन होगा। 16 जून से सभी पंचायत प्रतिनिधि परामर्श समिति के अध्यक्ष या सदस्य के तौर पर काम करेंगे। पंचायती राज विभाग ने परामर्शी समिति के गठन का प्रस्ताव पर आज कैबिनेट में मुहर लग गई। अगला चुनाव होने तक यह वैकल्पिक व्यवस्था बनी रहेगी । वार्डो में गठित प्रबंधन एवं क्रियान्वयन समिति भी काम करती रहेगी। बता दें कि बिहार में 38 जिला परिषद, 534 पंचायत समिति और 8386 ग्राम पंचायत है। 16 जून से इन सभी पंचायती राज संस्थाओं में जनप्रतिनिधि परामर्शी समिति के अध्यक्ष या सदस्य कहे जाएंगे।



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