झारखंड में मिली बिहार के अगवा व्यावसायी और उनके ड्राइवर की लाश, चार माह पहले किया था अपहरण, सिपाही ने रची थी साजिश

झारखंड में मिली बिहार के अगवा व्यावसायी और उनके ड्राइवर की लाश, चार माह पहले किया था अपहरण, सिपाही ने रची थी साजिश

AURANGABAD : चार माह पहले छत्तीसगढ़ में अपनी बेटी के ससुराल से पत्नी संग लौट रहे व्यावसायी का कंकाल बरामद किया गया है। बताया गया कि व्यावसायी मिथेलेश प्रसाद और उनके ड्राइवर श्रवण प्रजापति का अपहरण कर लिया गया था, अब उनका शव पलामू जिले से बरामद किया गया है। इस मामले में मुख्य आरोपी देवघर पुलिस के एक सिपाही और उसके चार गुर्गों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अपराधियों के पास से चार राइफल और 80 गोलियां भी मिली हैं।

बता दें कि बीते 25 मई, 2021 की रात करीब पौने बारह बजे औरंगाबाद शहर के दानी बिगहा निवासी व्यवसायी मिथिलेश प्रसाद (65) और उनके ड्राइवर श्रवण प्रजापति (25) का एनएच-139 स्थित कंडा घाटी से अपहरण कर लिया गया था। फिरौती के रूप में 60 लाख रुपये अपहर्ताओं ने मांगे थे। जिसमें 10 लाख रुपये दिए गए थे, लेकिन उसके बाद भी अपहर्ताओं ने दोनों की हत्या कर दी। वहीं पुलिस लगातार पूछताछ कर रही थी। इस दौरान गुप्त सूचना के आधार पर पूर्व के आपराधिक इतिहास वाले कई लोगों से पूछताछ की गई थी। इस क्रम में दो अपराधियों ने अपहरण की घटना को अंजाम दिए जाने की बात स्वीकार कर गिरोह में शामिल सभी नामों का खुलासा किया। इसके बाद पूरे मामले का भंडाफोड़ हो गया। गिरफ्तार अपराधियों की निशनदेही के आधार पर  दोनों के शवों के अवशेष पुलिस ने गढ़वा जिले के रमकंडा थाना क्षेत्र स्थित पुन्दागा गांव के पास बरामद किए हैं। शव पूरी तरह से कंकाल में  बदल चुका था।

बेटी से मिलने गए थे 

मिथिलेश प्रसाद छत्तीसगढ़ के प्रतापपुर में रहनेवाली अपनी बेटी से मिलने गए थे। इसके बाद कार से वह अपनी पत्नी के साथ औरंगाबाद लौट रहे थे। कंडा घाटी पहुंचने पर देवघर पुलिस के सिपाही गढ़वा के पुन्दागा निवासी प्रेमनाथ यादव ने अपने गैंग के साथ मिलकर उनका अपहरण कर लिया। अपहर्ताओं ने कार में व्यवसायी की पत्नी को छोड़ दिया और मिथिलेश तथा श्रवण को लेकर फरार हो गए। जिसके बाद से औरंगाबाद पुलिस अपहृत व्यावसायी की तलाश कर रही थी। 





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