बिहार में भी होगा महाराष्ट्र वाला हाल, 41 दिन बाद हुए शिंदे मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आज तक नहीं बंटा विभाग, नीतीश सरकार भी उसी राह पर

बिहार में भी होगा महाराष्ट्र वाला हाल, 41 दिन बाद हुए शिंदे मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आज तक नहीं बंटा विभाग, नीतीश सरकार भी उसी राह पर

DESK. महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन के 41 दिन बाद मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर विपक्षी पार्टियों ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर जमकर निशाना साधा था। ऐसे में मंत्रिमंडल का विस्तार तो हो गया लेकिन मंत्रियों के विभागों का बंटवारा अभी तक नहीं हो पाया है। जिसको लेकर उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान सामने आया है। जिसमें उन्होंने बताया है कि आखिर कब तक मंत्रियों को विभाग बांटे जाएंगे।

देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में मीडियाकर्मियों के सवालों का जवाब देते हुए विभागों के बंटवारे के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में नव नियुक्त मंत्रियों को जल्द उनके विभाग सौंपे जाएंगे। उन्होंने इसके साथ ही भरोसा दिलाया कि सरकार भारी बारिश की वजह से फसलों को हुए नुकसान के लिए किसानों को जल्द ही मुआवजा देगी। 

महाराष्ट्र की तरह ही बिहार में ना हाल हो जाए अब कुछ वैसा ही दिख रहा है. बिहार में भी एनडीए से अलग होकर नीतीश कुमार ने महागठबंधन के 6 दलों संग सरकार तो बना ली लेकिन अब तक मंत्रिमंडल का फैसला नहीं हुआ है. कौन मंत्री बनेगा इस पर पेंच फंसा है. इस बीच जदयू, राजद और कांग्रेस के बीच मंत्रियों की संख्या और विधानसभा अध्यक्ष के नाम पर कोई निर्णय नहीं हो रहा है. ऐसे में देखना होगा कि यह इंतजार कितने दिनों का होता है. या फिर महाराष्ट्र की तरह ही बिहार का भी हाल होता है. 


सूत्रों का कहना है कि नीतीश मंत्रिमंडल गठन में सबसे बड़ी बाधा गृह मंत्रालय, स्पीकर का पद और कांग्रेस- हम जैसे सहयोगी दलों को साधने पर फंसा पेच है. कांग्रेस को 3 मंत्री पद देने की बात हो रही है. वहीं स्पीकर पद राजद के खेमे में जाने की भी चर्चा है. इन सबके बीच गृह मंत्रालय को लेकर कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार इसे अपने पास ही रखना चाहते हैं. हालांकि राजद का दवाब गृह मंत्रालय अपने पास रखने पर है. साथ ही हम की ओर से भी दो मंत्री पद की मांग चल रही है. इन सबके बीच कहा जा रहा है कि राजद को 17 मंत्री पद जबकि जदयू को 13 और कांग्रेस को 3 जबकि हम को 1 मिलेगा. 

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने दो सदस्यीय मंत्रिमंडल का विस्तार किया था। उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के 41 दिनों के बाद 18 मंत्रियों को अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया। नए मंत्रियों में 9 शिवसेना के बागी गुट के जबकि 9 भाजपा के हैं। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद एकनाथ शिंदे ने कहा था कि अपने-अपने विभाग की ज़िम्मेदारी सब लोग संभालेंगे। इस राज्य की जनता को जो काम चाहिए वो किया जाएगा। राज्य का सर्वांगीण विकास करने के लिए ये लोग काम करेंगे।

शपथ लेने वालो मंत्रियों में भाजपा कोटे से वरिष्ठ नेता सुधीर मुनगंटीवार, चंद्रकांत पाटिल, राधाकृष्ण विखे पाटिल, गिरीश महाजन, सुरेश खाड़े, मंगल प्रभात लोढ़ा, अतुल मोरेश्वर सावे, विजयकुमार गावित और रवींद्र चव्हाण शामिल हैं। वहीं, शिवसेना के बागी गुट से दादा भूसे, उदय सामंत, गुलाबराव पाटिल, शंभू राजे देसाई, संदीपन भुमरे, संजय राठौड़, दीपक केसरकर, अब्दुल सत्तार, तानाजी सावंत शामिल हैं।


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