देश के पहले दलित सीएम भोला पासवान शास्त्री के गांव पहुंचे चिराग, परिवार के साथ जमीन पर बैठकर खाया खाना, कहा - पापा होते तो वह भी यहां आते

देश के पहले दलित सीएम भोला पासवान शास्त्री के गांव पहुंचे चिराग, परिवार के साथ जमीन पर बैठकर खाया खाना, कहा - पापा होते तो वह भी यहां आते

PURNIA :  मंगलवार को लोजपा सांसद चिराग पासवान देश के पहले दलित मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री की जयंती पर उनके पैतृक गांव बैरगाछी पहुंचे। जहां उन्होंने तीन बार सीएम रह चुके भोला पासवान शास्त्री के परिवार के साथ बिहार के बड़े नेता की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। साथ ही रात्रि में आयोजित भोज  में भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भोला पासवान शास्त्री के परिवार के साथ जमीन पर बैठकर खाना खाया। इस दौरान चिराग पासवान ने कहा कि अगर पापा रहते तो वह भी जरुर आते। लेकिन अब वह नहीं है, तो उनकी जगह मैं आया हूँ और आज पूरा समय इस परिवार के लिए है। इस गांव के लिए है।

इस दौरान चिराग पासवान ने भोला पासवान शास्त्री के राजनीतिक जीवन पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में पहले सीएम रहने के बाद भी उन्होंने अपने या अपने परिवार के लिए एक आशियाना तक नहीं बनाया। सबकुछ जनता को समर्पित कर दिया। आज देश को इस महापुरुष को जरुरत है। इस दौरान चिराग ने कहा कि भोला पासवान शास्त्री के परिवार से उनका पारिवारिक संबंध रहा है। पापा के साथ उनकी गहरी दोस्ती थी। इस परिवार के लिए जितना कुछ किया जा सकता है, मैं जरुर करुंगा।

जदयू ने कहा राजनीति कर रहे हैं चिराग

वहीं चिराग के इस दौरे को लेकर जदयू की मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि पूर्व सीएम भोला पासवान शास्त्री के नाम पर चिराग राजनीति कर रहे हैं। यह सही नहीं है। उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि महामानव स्व. भोला पासवान शास्त्री मेरे विधानसभा क्षेत्र अधीन बैरगाछी ग्राम के निवासी थे। गुदरी के लाल स्व. शास्त्री जी ने अपनी ईमानदारी कर्तव्यपरायणता के बल पर राज्यभर में एक आदर्श प्रस्तुत कर पूर्णियावासियों की प्रतिष्ठा को बढ़ाते हुए गौरवान्वित किया है।  हालांकि यह बात अलग है कि बिहार सरकार की तरफ से न तो खुद लेसी सिंह भोला पासवान शास्त्री के गांव पहुंची और न ही सरकार के किसी मंत्री ने पूर्व सीएम के गांव जाना जरुरी समझा।

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