महिला थाने में मदद के लिए पहुंची विवाहिता को नहीं मिली सहायता, वहीं जहर खाकर दे दी जान, देखते रहे पुलिसवाले

महिला थाने में मदद के लिए पहुंची विवाहिता को नहीं मिली सहायता, वहीं जहर खाकर दे दी जान, देखते रहे पुलिसवाले

MOTIHARI : राज्य की सरकार एक तरफ यह दावे करती है कि सभी जिलों में महिला पर होनेवाले उत्पीड़न पर जल्द कार्रवाई हो, इसके लिए महिला थाना शुरू किया गया है। लेकिन पूर्वी चंपारण के महिला थाना इससे अलग है। यहां एक विवाहिता पति की प्रताड़ना से तंग आकर मदद के लिए पहुंची, लेकिन चार घंटे तक थाने में किसी ने उसकी सहायता नहीं की। आखिरकार पुलिस की सहायता  नहीं मिलने से निराश होकर विवाहिता ने थाने में ही पुलिसकर्मियों के सामने जहर सेवन कर लिया। रात भर मौत से जूझने के बाद रविवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। वहीं विवाहिता के परिजनों ने इसके लिए पुलिस और उसके ससुराल वालों को जिम्मेदार ठहराया है। 

घटना को लेकर बताया गया कि मृत युवती का नाम श्रेया शर्मा बताया गया है। वह जहानाबाद के अमरपुरा थाना के चक्रधमपुर की है निवासी बताई गई। फिलहाल उसका परिवार रांची में रहता है। श्रेया की मां ने बताया कि वह मोतिहारी के गोविंदगंज के मुड़ा गांव के रहनेवाले युवक से प्यार करती थी। दो माह पहले राहुल ने रांची के आर्य समाज मंदिर में शादी रचा ली। जबकि उसके परिवार के लोग इस रिश्ते के लिए राजी नहीं था। बेटी को खोनेवाली मां का कहना था कि राहुल ने यह भरोसा दिलाया था कि वह अपने परिवार को मना लेगा। जिस पर भरोसा करके हमने भी इस  रिश्ते को मंजूर कर लिया। जिसके बाद वह दोनों पटना में रहने लगे। 

करता था प्रताड़ित

एक सप्ताह पहले श्रेया ने मां को फोन कर पति राहुल और ससुराल में मिलनेवाली प्रताड़ना की जानकारी दी। उसने बताया कि ससुरालवाले 20 लाख दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे हैं। जिससे वह परेशान है। कुछ दिन पहले वह पटना के थाने में शिकायत के लिए पहुंची थी, जहां उसकी शिकायत दर्ज करने की जगह यह कहकर वापस भेज दिया गया कि मामला मोतिहारी का है, इसलिए वह मोतिहारी जाकर इसकी शिकायत दर्ज कराए। बीते शनिवार सुबह वह अकेले ही मोतिहारी पहुंच गई और महिला थाना जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की। परिजनों का आरोप है कि यहां चार घंटे तक बैठाए रखने के बाद भी उसकी न तो शिकायत सुनी गई और न ही किसी प्रकार की मदद की गई। जिससे निराश होकर उसने थाने में जहर सेवन कर लिया। इस दौरान पुलिसकर्मी देखते रहे। 

परिजनों के पहुंचने से पहले मौत

परिजनों ने बताया कि रात में हमारी फोन पर बात हुई, जिसमें डॉक्टरों ने उसकी हालत स्थिर बताया। जब रविवार सुबह हमलोग मोतिहारी पहुंचे तो उससे पहले ही उसकी मौत हो गई थी। आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने मरने से पहले विवाहिता का बयान भी दर्ज करवाना जरुरी नहीं समझा, जबकि पूरे समय वह उनके साथ मौजूद थी।  युवक के पिता का नाम सुशांत सिंह है। वह हमलोगों को धमकी देता है कि अपने बेटे को बचाने के लिए 50 लाख तक खर्च कर देगा। पुलिस ने ससमय सहयोग नहीं किया,जिसकारण उसने जहर खाया था। साथ ही सदर अस्पताल में समुचित इलाज नहीं किया है। 

वहीं पुलिस उपाधीक्षक अरुण कुमार ने बताया कि थाना में आने के साथ ही श्रेया शर्मा की तबीयत खराब हो गयी,जिसकी  ृइलाज के दौरान सदर अस्पताल में मौत हो गयी है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा कि उसने जहर खाया था। या नहीं। उसके परिजन जहानाबाद से पहूंचे है,जिनके शिकायत पर ससुराल वालों पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई किया जायेगा।


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