...तो 'कंबल' बंटवा चर्चा में आये 'थैली' वाले को मिल गया 'प.चंपारण' से विप का टिकट? सोशल मीडिया में दी जा रही बधाई

...तो 'कंबल' बंटवा चर्चा में आये 'थैली' वाले को मिल गया 'प.चंपारण' से विप का टिकट? सोशल मीडिया में दी जा रही बधाई

PATNA: बिहार में पंचायत चुनाव खत्म होने के साथ ही विधान परिषद की खाली 24 सीटों पर चुनाव को लेकर सरगर्मी शुरू हो गई है। इस चुनाव में आम वोटर नहीं बल्कि स्थानीय निकाय के प्रतिनिधि एमएलसी का चयन करेंगे। अपनी दावेदारी और टिकट को लेकर सबसे अधिक मारमारी एक बड़े दल के यहां है। टिकट के दावेदारों का नेताओं के यहां गणेश परिक्रमा जारी है। समर्थन के लिए हर कला अपनाई जा रही है। कई 'थैली' वाले संभावित उम्मीदवार दावा कर रहे कि उनका टिकट फाइनल है। इस आधार पर उन्हें बधाई तक मिल रही है। हालांकि अभी तक किसी दल ने कैंडिडेट के नाम का ऐलान नहीं किया है।   

...तो कंबल बांटने का मिल गया फायदा?

राज्य में विधान परिषद में इस समय 51 सदस्य हैं। जबकि कुल सदस्यों की संख्या 75 है। जून 2021 से ही 24 सीटें खाली हैं। पंचायत चुनाव में देरी के कारण पिछले साल इन सीटों को नहीं भरा जा सका था। इस बार एमएलसी के चुनाव में एनडीए और राजद के बीच सीधा मुकाबला होगा। पैसे वाले लोग सत्ता पक्ष व विपक्षी नेताओं को खुश करने में जुटे हैं. मकसद है कि किसी तरह से स्थानीय निकाय से विधानपरिषद चुनाव में समर्थन(टिकट) हासिल हो जाये। इस चुनाव में पार्टी के समर्पित,पकड़ वाले या पुराने कार्यकर्ताओं की उम्मीदवारी पर चर्चा नहीं बल्कि धनबल व थैली वाले नेताओं की हवा बह रही है. थैली वाले नये नेताजी लोग इन दिनों टिकट के लिए पटना में बड़े राजनीतिक 'परिवार' के यहां खूब दरबारी कर रहे। बिहार की सभी सीटों पर रेस में कोई न कोई बड़ा थैली वाला है ही। हालांकि उन्हें टिकट मिलेगा या नहीं यह तो वक्त बतायेगा लेकिन हवा खूब बनाई जा रही है। अब पश्चिमी चंपारण से एक बड़े थैली वाले फर्नीचर कारोबारी की खूब चर्चा हो रही। सोशल मीडिया में फर्नीचर कारोबारी को बधाई तक दी जा रही है। कहा जा रहा है कि उनका टिकट फाइनल है। फर्नीचर वाले कारोबारी के समर्थक बड़े नेता के साथ उनकी तस्वीर को खूब शेयर कर रहे. 

कंबल से चर्चा में आये फर्नीचर कारोबारी

दरअसल,पटना के बड़े फर्नीचर वाले नेताजी उस समय चर्चा में आये जब टिकट की आस में बड़े परिवार के हाथों कंबल बंटवाई। हजारो कंबल बंटवाने के बाद से ही चर्चा तेज है कि पटना के बड़े फर्नीचर वाले नेताजी को पश्चिमी चंपारण से एक बड़े दल का टिकट फाइनल हो गया है। सिर्फ ऐलान बाकी है। हालांकि टिकट की रेस में कई अन्य हैं, एक तो बड़े परिवार जिन्हें टिकट देना है उनकी ही जाति के हैं।

विप टिकट को लेकर चर्चा का बाजार गर्म 

पश्चिमी चंपारण से विप टिकट को लेकर कई दावेदार हैं। सबका अपना-अपना तर्क है। कोई थैली से मजबूत है तो किसी की क्षेत्र में पकड़। थैली वालों को क्षेत्र में आधार से मतलब नहीं वे तो थैली से ही नैय्या पार करने की कोशिश में लगे रहते हैं। पश्चिमचंपारण से एक बड़े दल से टिकट पाने की चाहत रखने वाले एक कारोबारी सह नेता का एक वाकया बताते हैं...... राजधानी पटना में नये साल पर 'भावी' C....की तरफ से गरीबों के बीच कंबल का वितरण किया जाना था। बड़ी पार्टी के नेता व घर के 'राजकुमार' की तरफ से करीब कंबल की व्यवस्था करने को कहा गया। बस क्या था....फऱमान के बाद उनके सिपहसलारों ने एक नये 'शख्स' को पकड़ा. वो शख्स राजधानी का बड़ा फर्नीचर व्यवसायी है और अंदर ही अंदर माननीय बनने का सपना संजोये है। हुक्म मिलते ही उसने हजारो कंबल 'हाऊस' के बाहर उतार दिये। इस तरह से बड़े परिवार ने कंबल का वितरण कर खूब सुर्खियां बटोरी।तभी से उस कारोबारी शख्सव समर्थकों को यह विश्वास हो गया है कि वि.प. की टिकट उनको ही मिलेगा। खैर.....कंबल  पश्चिम-चंपारण सीट से टिकट दिलायेगा या नहीं यह तो भविष्य बतायेगा।

दरअसल, कारोबारी का पटना में बड़ा फर्नीचर व्यवसाय है। बताया जाता है कि पटना के राजाबाजार समेत अन्य जगहों पर फर्नीचर शो-रूम है। कारोबारी का बड़े परिवार के राजकुमार से नजदीकी है। इस बार वो विप का टिकट लेने को लेकर बड़े परिवार के यहां चक्कर लगा रहे। फर्नीचर कारोबारी चंपारण के ही रहने वाले हैं और उसी क्षेत्र से विप का टिकट(समर्थन) हासिल करने की फिराक में हैं।

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