एफआरआई के वैज्ञानिकों ने विश्व धरोहर बोधि वृक्ष का लिया जायजा, कैनोपी के साथ वजन वितरण पर की चर्चा

एफआरआई के वैज्ञानिकों ने विश्व धरोहर बोधि वृक्ष का लिया जायजा, कैनोपी के साथ वजन वितरण पर की चर्चा

BODHGAYA : बोधगया स्थित बोधि वृक्ष को विश्व धरोहर का दर्जा दिया गया है। हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक और बौद्ध धर्मावलम्बी इसे देखने के लिए बोधगया आते हैं। इसके मद्देनजर इसके रखरखाव के लिए कई इंतजाम किये गए हैं। इसी कड़ी में पवित्र बोधि वृक्ष का जायजा लेने के लिए शनिवार को एफआरआई के वैज्ञानिक पहुंचे। जहां सबसे पहले वैज्ञानिकों ने भगवान बुद्ध की प्रतिमा का दर्शन कर नमन किया। 

उसके बाद देहरादून से आये वैज्ञानिक डॉ. अमित पांडे और डॉ संतन वर्थवाल ने घंटों पवित्र बोधी वृक्ष का जायजा लिया। इस दौरान पवित्र बोधि वृक्ष उपयुक्त रूप और विकास में पाया गया। 

जांच के दौरान वृक्ष के पत्ते को कीटों और रोगों से मुक्त पाया गया है। साथ ही एक संतुलित पेड़ वास्तुकला के लिए शाखाओं पर वितरण को देखा गया। वृक्ष की कैनोपी के साथ वजन वितरण पर भी चर्चा की गई। गौरतलब है कि एफआरआई के वैज्ञानिकों ने वर्ष 2021 में तीन बार बोधगया का दौरा कर बोधि वृक्ष का निरीक्षण किया हैं।

बोधगया से संतोष की रिपोर्ट 

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