होली में खास हो जाते ये तीन, काशी, वृन्दावन और उज्जैन, कहीं लगाते रंग गुलाल, कहीं खेलते होली श्मशान

होली में खास हो जाते ये तीन, काशी, वृन्दावन और उज्जैन, कहीं लगाते रंग गुलाल, कहीं खेलते होली श्मशान

DESK. देश के धार्मिक स्थलों पर होली की विशेष रौनक देखने को मिल रही है. खासकर होली के विशेष आयोजनों के लिए प्रसिद्ध मथुरा और भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में शुक्रवार को रंगों से सराबोर श्रद्धालु की भारी भीड़ उमड़ी. कहीं गुलाल उड़े तो कहीं होली पर भस्म से भगवान शिव की पूजा आराधना से होली की शुरुआत हुई. 

मथुरा के बांके बिहारी मंदिर में भी होली का जोरदार उत्साह दिखा. यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु पूरे जोश और उमंग के साथ होली के उत्सव में शामिल हुए. युवा, महिला, बुजुर्गों के साथ ही बच्चों पर भी होली का रंग चढ़ा दिख रहा है. होलिकादहन के बाद बांके बिहारी मंदिर में भगवान कृष्ण पर रंग-गुलाल चढ़ाने की विशेष परम्परा रही है. होली के उल्लास में लोगों की भारी भीड़ नाचते गाते दिखी. 

वहीं उज्जैन के महाकाल मंदिर में भी माहौल रंगों से सराबोर रहा. महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया और होली पर भस्म से खास तरीके से भगवान शिव संग होली खेली गई. भक्तों ने एक दूसरे को रंग गुलाल लगाकर खूब होली खेली. वहीं वाराणसी में भी होली खेलने का खास अंदाज है. यहाँ के श्मशान घाटों पर चिताभस्म से होली खेलने वालों का अनोखा अंदाज देखने को मिलता है. 

कोरोना के कारण दो साल से देश में होली की धूम फीकी थी. ऐसे में इस साल कोरोना का खतरा कम होने के कारण लोग पूरे उल्लास के साथ होली का आनंद लेते दिख रहे हैं.  देशभर में आधी रात में होलिका दहन और उसके बाद सुबह से ही फाग की टोलियां मोहल्लों में घूमती दिखीं. कोविड 19 के बाद यह पहला मौका था जब इस बार बिना प्रतिबंधों की होली देखने को मिली. कोरोना के कम होते मामलों के बीच लोग बिना किसी डर के एक दूसरे से मिले और रंग, गुलाल लगाकर एक दूसरे को शुभकामनाएं दीं.


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