सूर्यग्रहण में भी खुला रहा बिहार का यह प्रसिद्ध मंदिर, लोगों ने की पूजा अर्चना, जानिए क्या है मान्यता

सूर्यग्रहण में भी खुला रहा बिहार का यह प्रसिद्ध मंदिर, लोगों ने की पूजा अर्चना, जानिए क्या है मान्यता

GAYA : आज भारत सहित दुनिया के कई देशों में सूर्यग्रहण देखा गया। मान्यता है की सूर्यग्रहण के दौरान मंदिरों को बंद कर दिया जाता है। आज भी सूर्य ग्रहण को लेकर देश भर के तमाम मंदिरों के पट बंद कर दिए गए। लेकिन गया का विष्णुपद मंदिर सूर्यग्रहण के दौरान भी खुला रहा। यहां भगवान विष्णु के चरण के दर्शन के लिए भक्त आते रहे।  जबकि पिंडदानी पिंडदान का कर्मकांड भी करते रहे। 


इस संबंध में विष्णुपद मंदिर प्रबंध कारिणी समिति के अध्यक्ष शंभूलाल विट्ठल बताते हैं कि विष्णुपद में सूर्य ग्रहण काल में भी पट खुले हुए रहते हैं। क्योंकि यहां वेदी की मान्यता है। जिस स्थान पर मूर्ति स्थापित की जाती है, वहां सूर्य ग्रहण काल में पट को बंद कर दिया जाता है। लेकिन यहां वेदी है। बताते हैं कि यहां पिंडदान करने काफी दूर-दूर से लोग आते हैं। वही सूर्य ग्रहण काल को पिंडदान के लिए उत्तम समय माना जाता है। यही वजह है कि सूर्य ग्रहण काल में भी विष्णुपद में पिंडदान किया गया और लोग भगवान विष्णु के चरण के दर्शन करने आते रहे। 

उधर खगड़िया में सूर्यग्रहण को लेकर अधिकांश मन्दिरों का पट श्रद्धालुओं के लिए आज सुबह से बन्द रहा। सुबह 4 बजे से सूर्य ग्रहण का सूतक प्रारम्भ होने के कारण मंदिरों में पूजा -पाठ आज नहीं हुई। मन्दिर के बाहर एक बैनर लगा दिया गया। जिसमें सूर्य ग्रहण का सूतक प्रारम्भ होने के कारण मन्दिर बन्द होने की जानकारी दी गई थी। शाम 5 बजकर 8 मिनट के बाद पूजा पुनः प्रारम्भ की गयी। 

पंडितों की माने तो सूतक के दौरान पूजा अर्चना अपवित्र  माना जाता है। सूर्य ग्रहण के दौरान राहु - केतू सूर्य और चन्द्रमा पर कुछ समय के लिए भारी पड़ता है। इस दौरान साधक के द्वारा पूजा करने से देवी - देवता को जागृत होने में कठिनाई होती है। लिहाजा आज मन्दिरों में पूजा नहीं की गयी।

गया से मनोज कुमार की रिपोर्ट 

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