इस साल बक्सर सबकुछ देख लेगा : पहले शवों को गंगा में बहाया, अब सड़क किनारे अंतिम संस्कार कराने की मजबूरी

इस साल बक्सर सबकुछ देख लेगा : पहले शवों को गंगा में बहाया, अब सड़क किनारे अंतिम संस्कार कराने की मजबूरी

BUXER : गंगा के रौद्र रूप से बिहार के जो जिले ज्यादा प्रभावित है, उनमें बक्सर जिला भी शामिल है। यहां नदी किनारे बसे लगभग सभी गांव में नदी का पानी घुस चुका है। हालात यह है गंगा के पानी के कारण चौसा श्मशान घाट भी पानी में डूब चूका है। ऐसे में लोगों को अंतिम संस्कार करने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ की इस भयावह स्थिति में लोग सड़क पर अंतिम संस्कार करने के लिए मजबूर हैं।

बता दें कि चौसा श्मशान घाट पर रोहतास, कैमूर के अलावे चौसा, राजपुर व इटाढ़ी प्रखण्ड के लोग शव लेकर पहुंचते हैं। लेकिन अब सड़क किनारे अंतिम संस्कार करने के कारण इस रास्ते यात्रियों को दुर्गंधयुक्त वातावरण में गुजरना पड़ रहा है। यहां से गुजरने वाले लोग कई बार लोग विचलित भी हो जाते हैं। 


कभी नदी में फेंकी गई थी लाश

जिले के लिए यह विडंबना है कि इस जिले में कोरोना के दूसरे फेज में लोगों की लाशें गंगा नदी में फेंकी हुई मिली थी। अब इसी गंगा नदी ने कारण लोगों को अपनों की लाशें सड़क पर जलाने को मजबूर हो रहे हैं। यहां अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियां भी सड़कों पर रखी गई हैं। जब तक बाढ़ जैसी स्थिति बनी रहेगी, तब तक लोगों को मजबूरी में सड़कों पर ही अंतिम संस्कार करना पड़ेगा। 

श्मशान तक जाने का रास्ता बाढ़ में डूबा

आसपास के ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि श्मशान घाट के पास बनाए गए पक्के हाल के पास पानी नहीं पहुंचा है। लेकिन वहां तक जाने वाले रास्ते में पानी भर गया है। स्थानीय निवासी विजेंद्र चौबे, उप सरपंच रामाश्रय यादव, किसान श्रीभगवान सिंह सहित अन्य ने बताया कि प्रशासन द्वारा नाव की व्यवस्था हो जाने से शवों को घाट पर जलाने में आसानी होगी। 


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