मौनी अमावस्या पर हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, वाल्मीकिनगर त्रिवेणी संगम वैतरणी पार करने की मची होड़

मौनी अमावस्या पर हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, वाल्मीकिनगर त्रिवेणी संगम वैतरणी पार करने की मची होड़

बेतिया. माघ महीने के मौनी अमावस्या पर हजारों श्रद्धालुओं ने वाल्मीकिनगर त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई। ब्रह्म मुहूर्त से ही गंडक नदी के दोनों किनारों पर उत्तर प्रदेश, बिहार और नेपाल से आये श्रद्धालुओं ने स्नान के पश्चात दान पुण्य किया। इस अवसर पर वैतरणी पार करने की होड़ मची रही। श्रद्धालुओं के द्वारा विभिन्न मंदिरों में पूजा अर्चना की गई। 

इस अवसर पर विशाल मेले का आयोजन किया गया है। मेले का मुख्य आकर्षण टावर झूला, बच्चों का झूला, ब्रेक डांस, मौत का कुआं ड्रैगन सहित दैनिक उपयोग की वस्तु, श्रृंगार प्रसाधन, हरेक माल की दुकानें है। मेले का महा प्रसाद संतरा एवं इलाईची दाना की खूब बिक्री हुई। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। स्थानीय जिला पुलिस व एसएसबी के जवान नरायणी नदी के तट पर लगातार सक्रिय रहे। 

देर रात से ही यहां लोगों की भीड़ जुट गई है। अप्रत्याशित भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस के जवानों ने काफी सक्रियता दिखाई। कड़ाके की ठंड व कोहरा के चादर में लिपटे त्रिवेणी संगम के तट सुबह से ही स्थान करने की होड़ रही । दिन निकलने तक श्रद्धालु नारायणी नदी में स्नान करते रहे। अमावस्या होने की वजह से स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु रात से ही मेला क्षेत्र में डटे हुए थे । 

नारायणी नदी में अधिक पानी होने के कारण गोताखोरों को भी लगाया था। साथ ही गहरे पानी के पूर्व लाल निशान झंडा लगाया था। ताकि कोई श्रद्धालु गहरा पानी मे नहीं जाए। भीड़ अधिक होने के बावजूद श्रद्धालुओं ने पूरी आस्था व धैर्य के साथ स्नान किया।


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