बहुत देर कर दीः अब जाकर मेदांता अस्पताल मे शुरू हो रहा कोविड हॉस्पिटल, CM नीतीश ने अस्पताल खोलने के लिए दी थी बेशकीमती जमीन

बहुत देर कर दीः अब जाकर मेदांता अस्पताल मे शुरू हो रहा कोविड हॉस्पिटल, CM नीतीश ने अस्पताल खोलने के लिए दी थी बेशकीमती जमीन

PATNA: बिहार में पिछले एक महीना से कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ते जा रहा है। राजधानी पटना की स्थिति तो और भी भयावह हो गई है। कोरोना संक्रमित मरीज इलाज कराने के लिए भटक रहे हैं लेकिन अस्पताल में बेड फुल हैं। बिना इलाज के ही लोग मर रहे हैं। एनएमसीएच,पीएमसीएच,आईजीआईएमएस व एम्स की भी स्थिति भयावह है। लोग परेशान हैं ,उन्हें समझ में नहीं आ रहा कि क्या किया जाये। नीतीश सरकार ने जय प्रभा अस्पताल की सात एकड़ बेशकीमती जमीन मेदांता हॉस्पीटल को लीज पर दी थी। वहां पर मेदांता समूह ने बड़ा अस्पताल बनाया है। उस अस्पताल में कोविड हॉस्पिटल खोलने के लिए सीएम नीतीश से लेकर केंद्रीय मंत्री ने कोविड अस्पताल खोलने की गुहार लगाई। एक महीने तक मेदांता प्रबंधन से बात होते रही अब जाकर अस्पताल प्रबंधन तैयार हुआ है।

काफी प्रयास के बाद मेदांता में शुरू हो रहा कोविड अस्पताल

जय-प्रभा मेदांता अस्पताल पटना में काफी प्रयास के बाद कोविड केयर सेंटर की शुरूआत होने वाली है। इसकी तैयारी की जा रही है और बहुत जल्द इसकी शुरूआत होगी। हालांकि मेदांता प्रबंधन ने सेंटर खोलने में काफी देर कर दी। जिला प्रशासन ने पंद्रह दिन पहले ही अस्पताल का निरीक्षण किया था ताकि वहां कोविड केयर सेंटर की शुरूआत हो लेकिन तब अस्पताल प्रबंधन ने साफ मना कर दिया था। इसके बाद सीएम नीतीश के स्तर से प्रयास शुरू हुआ। फिर स्थानीय सांसद और केंद्रीय रविशंकर प्रसाद इसमें कूदे और मेदांता ग्रुप के अध्यक्ष से बात की। काफी प्रयास के बाद अब मेदांता हॉस्पिटल में कोविड अस्पताल की शुरूआत होने जा रही है। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने शनिवार को मेदांता अस्पताल का निरीक्षण किया था और अधिकारियों से बात की थी। कोविड अस्पताल के निरीक्षण के बाद उन्होंने इसे तुरंत चालू कराने का निर्देश दिया है।    

कोविड अस्पताल चालू करने के लिए सीएम के बाद केंद्रीय मंत्री ने किया था आग्रह

केंद्रीय मंत्री और पटना से सांसद रविशंकर प्रसाद ने एक हफ्ता पहले मेदान्ता ग्रुप के अध्यक्ष और देश के जाने-माने डॉ॰ नरेश त्रेहान से व्यक्तिगत रूप से आग्रह किया कि कंकड़बाग अवस्थित मेदान्ता अस्पताल को अविलंब कोविड के इलाज हेतु डेडीकेटेड अस्पताल के रूप में शुरू किया जाए। उन्होंने डॉ॰ त्रेहान से आग्रह किया था कि एक बड़ा अस्पताल बना है और कोरोना के बढ़ती हुई संख्या के आलोक में इसको तुरन्त आरम्भ किया जाए। 

नीतीश सरकार ने पटना में दी थी 7 एकड़ जमीन

मेदांताअस्पताल के निर्माण के लिए नीतीश सरकार ने 2015 में पूरे तामझाम से 7 एकड़ सरकारी जमीन 33 सालों की लीज पर दी।2016 में इस अस्पताल का शिलान्यास किया गया। इसके बाद 2020 में खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ उद्घाटन करने गये. उस अस्पताल में अब तक कोविड़ अस्पताल नहीं खोला जा सका है। पचास बेड का कोविड अस्पताल खोलने में पेंच फंसा हुआ है।  बता दें, मेदांता को हॉस्पिटल के लिए सात एकड़ जमीन 33 सालों की लीज पर दी गयी है. इसके एवज में सरकार को सालाना तीन करोड़ रुपये देने का प्रावधान है।

हर साल तीन करोड़ रू पर सरकार ने दे दी जमीन

बता दें,  कंकड़बाग इलाके में जयप्रभा अस्पताल की जमीन को राज्य सरकार द्वारा मेदांता को उपलब्ध करायी गई है। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड (पीपीपी) में इस अस्पताल का निर्माण कराया गया है। इस अस्पताल में 25 प्रतिशत बेड सीजीएचएस की तय दरों पर जरूरतमंद मरीजों के लिए आरक्षित रखने का प्रावधान है। तय एग्रीमेंट के तहत प्रति वर्ष तीन करोड़ रुपए 6.5 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ स्वास्थ्य विभाग को प्रीमियम के रूप में मिलेंगे। भविष्य में जब अस्पताल पूर्ण रूप से संचालित हो जाएगा तो वार्षिक राजस्व का एक प्रतिशत स्वास्थ्य विभाग को मिलेगा.



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