उपेंद्र कुशवाहा ने आखिर क्यों कहा- समुद्र मंथन में अगर अमृत मिले तो आप सब पी लेना...विष मिले तो हमें पिला देना?

उपेंद्र कुशवाहा ने आखिर क्यों कहा- समुद्र मंथन में अगर अमृत मिले तो आप सब पी लेना...विष मिले तो हमें पिला देना?

PATNA: लोहिया पुण्यतिथि पर पटना में आयोजित समारोह में जुटे महागठबंधन के नेताओं ने एक दूसरे को त्याग करने की नसीहत दी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा, वीआईपी के मुकेश सहनी और लेफ्ट पार्टी के नेताओं ने महागठबंधन बचाने के लिए सभी नेताओं से अपनी खुद की चिंता छोड़ने का आह्वान किया। नेताओं ने कहा कि आपसी विवाद को छोड़कर बिहार के बारे में सोंचे। महागठबंधन अगर बचाना है तो त्याग करना होगा। सभी नेता यह मान लें कि मुझे अपने लिए नहीं बल्कि बिहार के लोगों की चिंता करनी है तभी हम बिहार में एनडीए को हटा सकते हैं।

आरएलएसपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने लोहिया पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी की सभी नेता आपसी मतभेद को त्यागकर एकजुट हों। आज महागठबंधन को लेकर तरह-तरह की बातें सामने आ रही है। ऐसी बातों से एकता कमजोर होती है। 

कुशवाहा ने महागठबंधन के सभी वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में कहा कि अभी समुद्र मंथन का समय है। अभी हम लोग समुद्र को मथ रहे हैं। मंथन में अगर अमृत निकला तो आप सब लोग पी लेना अगर विष निकले तो मुझे खोज लेना मैं पीने के लिए तैयार हूं। उन्होंने कहा कि हमे सत्ता का लोभ नहीं हम अंतिम कुर्सी पर बैठने को तैयार हैं हमें अपनी चिंता नहीं बल्कि बिहार के लोगों की चिंता है। मेरा लक्ष्य बिहार के लोगों के लिए इस निकम्मी सरकार को उखाड़ फेंकना है।



Find Us on Facebook

Trending News