डोमिसाइल नीति लागू करने के पक्ष में शिक्षक अभ्यर्थियों का जोरदार प्रदर्शन, विभाग बोला कार्रवाई होगी
PATNA : बिहार सरकार द्वारा शिक्षक नियुक्ति में डोमिसाइल नीति हटाने की तुगलकी फरमान को लेकर आज शिक्षक अभ्यर्थी राजधानी पटना की सड़कों पर उतरे हुए हैं. शिक्षक अभ्यर्थी लगातार इसे बिहार की प्रतिभा का अपमान बताते हुए तत्काल प्रभाव से इसे वापस लेने का लगातार नारेबाजी कर रहे हैं। शिक्षक अभ्यर्थी सबसे पहले गांधी मैदान में इकट्ठा हुए थे.सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षक अभ्यर्थी गांधी मैदान से करीब हजारों की संख्या में पैदल मार्च शुरू किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें जेपी गोलंबर के बाद रोक दिया. यहां शिक्षक अभ्यर्थियों ने लगातार शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी और डोमिसाइल नीति को लागू करने की मांग करते सुने जा रहे हैं.
उधर शिक्षा विभाग ने भी प्रदर्शन को देखते हुए आदेश जारी किया है कि नई शिक्षा नियमावली का विरोध करने वालों के खिलाफ आचार संहिता के तहत कार्रवाई की जाएगी.इसके पूर्व शिक्षक अभ्यर्थियों ने सरकार को 72 घंटे के अंदर का अल्टीमेटम दिया था, जो कि पूरा हो गया है. हालांकि सरकार की ओर से अभी तक कोई भी जवाब नहीं मिला है. इसके साथ ही शिक्षक अभ्यर्थियों ने यह मांग भी की है कि शिक्षा मंत्री को शिक्षा विभाग से हटाकर पशुपालन विभाग में स्थानांतरित कर दे देना चाहिए.
लागू हो डोमिसाइल नीति
शिक्षक अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार को हमने 72 घंटे का समय दिया था, लेकिन हमारी कोई बात नहीं मानी गई. सीएम नीतीश कुमार को डोमिसाइल नीति लागू करना पड़ेगा.उनका आरोप है कि अगर शिक्षा मंत्री को लगता है कि योग्य शिक्षक की बहाली के लिए राष्ट्रीय स्तर पर करना होगा तो वह आगे कहेंगे कि वैकेंसी को अंतर्राष्ट्रीय ही कर दिया जाना चाहिए ताकि ब्रिटेन और अमेरिका के लोग भी यहां आकर शिक्षक बन सकें. शिक्षा मंत्री अगर बिहार में निकलेंगे तो उन्हें योग्य अभ्यर्थी नजर आ जाएंगे क्योंकि देश और दुनिया में हर जगह शिक्षा के क्षेत्र में बिहारियों का डंका बज रहा है।
यूपीएससी और इंजीनियरिंग में बिहार के छात्र लगातार अपना परचम लहराते रहे हैं. उन्होंने मांग की है कि संशोधन को समाप्त करते हुए बहाली प्रक्रिया में डोमिसाइल पॉलिसी लागू की जाए.पिछले दिनों शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर ने कहा था की ये देश हित के लिए किया गया है. शिक्षक नियुक्ति में देश के विभिन्न राज्यों के मेधावी और बेरोजगार भाग लेंगे. हमें अंग्रेजी, गणित, फिजिक्स के योग्य शिक्षक नहीं मिल पा रहे थे, इसलिए संशोधन किया गया है.
पहले विज्ञान ब्लॉक में रिक्तियां रह जाती थीं. बिहार में छह हजार रिक्तियों को लेकर वैकेंसी आई, लेकिन मात्र 369 लोग आ पाए. बिहार के बाहरी युवाओं को मौका मिलने से बिहार की शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी. विशेषकर साइंस और अंग्रेजी को लेकर जो समस्याएं आती थी वो दूर होंगी.
अब तक बदलाव क्या हुआ
- छह जून- बीपीएससी ने अधिसूचना जारी कर यह तय कर दिया कि दिव्यांग अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्र सरकारी मेडिकल कॉलेज से ही लाना होगा और वही मान्य होगा.
- नौ जून - तकनीकी शिक्षा की डिग्री तथा प्राच्य भाषा विशेष से संबंधित डिग्री सामान्य विषय विद्यालय अध्यापक (कक्षा एक से पांच) पद पर नियुक्ति के लिए मान्य नहीं को विलोपित किया गया. कक्षा 11 और 12 के बायोलॉजी विषय में नियुक्ति के लिए स्नातक के विषयों में संशोधन किया गया.
- 19 जून- सामान्य वर्ग की महिला, दिव्यांग और एससी- एसटी के लिए सीटेट में प्राप्त अंकों में छूट की सीमा बढ़ी. पूर्व में सीटेट में 90 अंक प्राप्त करना जरूरी था, लेकिन इसे घटाकर 82 किया गया.
- 21 जून - सीटेट जुलाई की परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थियों को भी परीक्षा में फॉर्म भरने की अनुमति दी गई और इसको लेकर अधिसूचना जारी की गई.
- 22 जून- अधिसूचना जारी करते हुए परीक्षा की तिथि में बदलाव किया गया. 19, 20, 26 और 27 अगस्त को होने वाली परीक्षा की तिथि को बदलकर 24, 25, 26 और 27 अगस्त को दो पालियों में करने का निर्णय लिया गया.
- 24 जून- बीएड और डीएलएड परीक्षा के अपीयरिंग अभ्यर्थियों को भी शिक्षक बहाली प्रक्रिया में अनुमति दिए जाने को लेकर अधिसूचना जारी की गई.
- 27 जून- बिहार सरकार ने शिक्षक बहाली के लिए आवेदन में डोमिसाइल पॉलिसी खत्म करते हुए देश के सभी अभ्यर्थियों के लिए आवेदन की अनुमति दे दी