विजय सिन्हा बोले- संविधान के बारे में कितना जानते हैं तेजस्वी यादव, लालू के पुत्र नहीं होते तो कौन पूछता?

विजय सिन्हा बोले- संविधान के बारे में कितना जानते हैं तेजस्वी यादव, लालू के पुत्र नहीं होते तो कौन पूछता?

NEW DELHI : बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव द्वारा रामचरित मानस विवाद पर जिस तरह से संविधान को सबसे बड़ा ग्रंथ बताते हुए किसी को भी अपनी बात रखने के अधिकार होने की बात कही। उसके बाद अब नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने डिप्टी सीएम की संविधान को लेकर समझ पर ही सवाल उठा दिए हैं। नई दिल्ली में न्यूज4नेशन के साथ बातचीत में विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि संविधान की बात करनेवाले परिवार ने खुद आज तक कितना इसका पालन किया है, यह बात बिहार का हर व्यक्ति जानता है। 

विजय सिन्हा ने कहा अगर संविधान का पालन करते तो भ्रष्टाचार की गोद में अकूत संपत्ति कैसे बनते। संविधान का अगर ज्ञान होता तो एक सजाएफ्ता व्यक्ति उनकी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैसे होते। एक भ्रष्टाचारी व्यक्ति को अपना आदर्श नहीं बनाते।

मौलिक अधिकारों के पेज पर राम-सीता और लक्ष्मण की तस्वीर

विजय सिन्हा ने कहा कि जिस संविधान का वह जिक्र करते हैं, उसी संविधान के भाग – 3 के मौलिक अधिकार में भगवान राम, मां जानकी और लक्ष्मण जी का चित्र है। संविधान बनानेवाले वहां उस चित्र को इसलिए लगाए थे कि जब जब मौलिक अधिकार का प्रयोग करेगा,तो मर्यादा का पालन करेगा। 

तेजस्वी से पूछा – लालू राबड़ी के बेटे होने के अलावा और क्या किया

नीरज सिन्हा ने इस दौरान तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वह बताएं कि सिर्फ लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के बेटे होने के अलावा समाज में उन्होंने क्या योगदान दिया था। उनकी अपनी पहचान क्या है। बिहार की जनता ने इनको दरकिनार कर दिया था। लेकिन माननीय नीतीश कुमार, जो कभी अपने बलबूते सत्ता में नहीं आए, उन्होंने फिर से उसे जिंदा कर दिया। उनके भ्रष्टाचार को फिर से फलने-फुलने का अवसर दे दिया।

समाज की रक्षा के लिए अस्त्र और शस्त्र भी उठाएंगे

बिहार की जनता ने इनको दरकिनार कर दिया था। लेकिन माननीय नीतीश कुमार, जो कभी अपने बलबूते सत्ता में नहीं आए, उन्होंने फिर से उसे जिंदा कर दिया। उनके भ्रष्टाचार को फिर से फलने-फुलने का अवसर दे दिया।

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