11 घंटे तक सीओ और बीडीओ को ग्रामीणों ने बनाया बंधक, छुड़ाने में पुलिस भी रही नाकाम, इस बात को लेकर थी नाराजगी

11 घंटे तक सीओ और बीडीओ को ग्रामीणों ने बनाया बंधक, छुड़ाने में पुलिस भी रही नाकाम, इस बात को लेकर थी नाराजगी

HAJIPUR : मुआवजे को लेकर 11 घंटे तक चले हाई वोल्टेज ड्रामा का अंत हो गया. तत्काल आपदा प्रबंधन की ओर से पीड़ित के परिवार को 60 हजार रुपए नगद दिए गए. साथ ही जल्द ही अन्य मुआवजा दिलवाने का आश्वासन भी दिया गया. करीब 11 घंटों से बंधक बने चेहराकला के सीओ निशिकांत और चेहराकला के बीडीओ कुमोद कुमार को महुआ एसडीओ संदीप कुमार की पहल पर मुक्त किया गया. मौके पर सीओ और बीडीओ को छुड़ाने के लिए महुआ एसडीओ संदीप कुमार के साथ महुआ एसडीपीओ पूनम केसरी भी पहुंची थी. आम लोगों के साथ कई घंटों की मैराथन मीटिंग के बाद लोगों ने प्रशासन पर भरोसा दिखाया. 

दरअसल महुआ अनुमंडल के कटहरा ओपी क्षेत्र के सरसिकन पंचायत के चकहाजी गांव में 28 सितंबर को गुड्डू राय के घर गैस लीक होने से आग लग गई थी.  जिसे 5 लोग झुलस गए थे. तब गैस लीक होने की शिकायत पर पहुंचा भेंडर जांच कर ही रहा था कि किसी ने नासमझी में माचिस जला दिया था. जिससे घटना घटनी थी. जिसमे इलाज के दौरान गुड्डू राय की दो पत्नियों की मौत पहले हुई। बाद में पुत्र की भी मौत हो गई थी. वहीं अन्य दो लोगो का इलाज चल रहा है. स्थानीय लोगों ने घायल के इलाज की स्थानीय प्रशासन से मांग की थी। 

मांग पूरी नही होने पर गुरुवार की सुबह से लोगो ने प्रदर्शन शुरू कर दिया था. जब मौके पर बात करने सीइओ निशिकांत पहुंचे तो उन्हें पहले बाहर ही डिटेन किया गया इसके बाद मौके पर सीओ को छुड़ाने वीडियो कुमोद कुमार पहुंचे तो उन्हें बाहर और सीओ को कमरे के अंदर बंधक बना लिया गया था।

एसडीपीओ ने दिया मुआवजा, तब छोड़ा

 कटहरा ओपी प्रभारी फैयाज अहमद ने बीडीओ सीओ को छुड़ाने का काफी प्रयास किया लेकिन सफलता नही मिली। इसमे बाद शाम में एसडीओ और एसडीपीओ पहुंचे और ग्रामीणों के साथ लंबि चौड़ी मीटिंग के बाद तत्काल ही 60 हजार रुपए दिया गया जिसके बाद सीओ और वीडियो को बंधन मुक्त किया गया है. 

बंधक अधिकारियों ने किया इंकार

ग्रामीणों के चंगुल से छुटने के बाद जब मीडियाकर्मियों ने उनसे सवाल किया तो सभी ने चुप्पी साध ली। दोनों अधिकारी कुछ भी बोलने से बचते नजर आए। वहीं बीडीओ कुमोद कुमार बता रहे है 12 बजे से पड़े हुए हैं और सीओ निशिकांत का कहना है लोगो ने ऐसे ही रखा था. यहां तक कि शुरू में एसडीओ संदीप कुमार बंधन बनाने की बात पर झेंपते नजर आए लेकिन लोगो के साथ हो रही बातचीत में उनकी आवाज स्पष्ट सुनाई दे रही कि आप लोगों ने बंधक बनाया था। वहीं सरपंच पति संजय पाल बता रहे हैं कि घायल के इलाज के लिए मुआवजा नहीं मिला तो बंधक बनाया गया था। इस दौरान एसडीओ ने भरोसा दिया कि दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

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