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लोकतंत्र का महापर्व - मध्यप्रदेश में 230 सीटों पर वोटिंग , 2533 उम्मीदवारों का भविष्य तय करेंगे मतदाता

लोकतंत्र का महापर्व - मध्यप्रदेश में 230 सीटों पर वोटिंग ,  2533 उम्मीदवारों का भविष्य तय करेंगे मतदाता

मध्यप्रदेश की 230 विधानसभा सीटों के लिए आज 17 नवंबर  को वोटिंग हो रही है. इस चुनाव में 2,533 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर है. इस बार जहां सीएम शिवराज सिंह चौहान और भाजपा के केंद्रीय मंत्रियों के राजनीतिक भविष्य के लिए यह चुनाव अहम होगा तो वहीं कमलनाथ और दिग्विजय सिंह जैसे कांग्रेस के दिग्गज नेताओं का भी राजनीतिक भविष्य भी दांव पर है. प्रत्याशियों के किस्मत का फैसला 5.60 करोड़ मतदाता करेंग.। वोटिंग शाम छह बजे तक होगी और नतीजे तीन दिसंबर को आएंगे. मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच  है.

47 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए और 35 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं. सभी विधानसभा क्षेत्रों में सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक मतदान होगा. नक्सल प्रभावित होने की वजह से बालाघाट जिले की बैहर, लांजी और परसवाड़ा, मंडला जिले की बिछिया और मंडला सीटों के 55 बूथ और डिंडोरी जिले के 40 मतदान केंद्रों पर मतदान का समय सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक ही होगा.

मध्य प्रदेश में वोटिंग के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और छिंदवाड़ा की मुलतई सीट से कांग्रेस उम्मीदवार कमलनाथ ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि भाजपा के पास पहले पुलिस, प्रशासन और पैसा था, अभी भी कुछ घंटों तक पुलिस, प्रशासन और पैसा है…” कमलनाथ ने आगे कहा कि मैं कुछ नहीं कहूंगा कि कितनी सीटें आएंगी, यह जनता तय करेगी कि कांग्रेस कितनी सीट जीत रही है. मेरी लोगों से बस यही अपील है कि वह सच्चाई का साथ दें.PM मोदी ने X पर लिखा, “आज मध्य प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे. मुझे विश्वास है कि राज्य के हर क्षेत्र के मतदाता पूरी गर्मजोशी से मतदान करेंगे और लोकतंत्र के इस महापर्व की रौनक बढ़ाएंगे. इस चुनाव में पहली बार वोट देने वाले राज्य के सभी युवाओं को मेरी विशेष शुभकामनाएं.”

बता दें 2018 में हुए पिछले चुनावों में कांग्रेस 230 सीटों में से 114 सीटें जीतकर सत्ता में आई थी जबकि भाजपा शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में तीन बार सत्ता में रहने के बाद 109 सीटों पर सिमट गई थी. हालांकि, जल्द ही स्थिति बदल गई, कांग्रेस के कई नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में भाजपा के खेमे में चले गए और पार्टी को सत्ता में लाए.  


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