किसने तुड़वा दिया राजद -जेडीयू का गठबंधन ? नीतीश कुमार की पार्टी ने नेताओं की जारी की गई लिस्ट....

किसने तुड़वा दिया राजद -जेडीयू का गठबंधन ? नीतीश कुमार की पा

PATNA : बिहार में डेढ़ साल पुरानी महागठबंधन सरकार का अंत हो गया है और आज ही एनडीए की नई सरकार बिहार की सत्ता संभाल लेगी। ऐसे में यह जानना जरुरी है कि राजद के वह कौन से नेता हैं, जिसके कारण नीतीश कुमार को इतना नाराज कर दिया कि उन्होंने सत्ता परिवर्तन करने का फैसला ले लिया। 

जदयू के प्रदेश महासचिव निखिल मंडल में राजद के ऐसे तीन नेताओं के नाम गिनाए हैं. जिनके कारण लालू और नीतीश कुमार के बीच दूरियां बढ़ती गई। इस तीन नेताओं में सबसे ऊपर हैं बिहार के पूर्व शिक्षा मंत्री डा. चंद्रशेखर सिंह. जिन्होंने मंत्री बनने के साथ ही लगातार अपने विवादित बयानबाजी से नीतीश कुमार सरकार की देश भर में किरकिरी कराना शुरू कर दिया। पिछले डेढ़ साल में वह कई बार हिन्दू देवी देवताओं और रामचरित मानस को लेकर जिस तरह बयान दे रहे थे। उसके कारण जदयू के अंदर ही नाराजगी पनप रही थी। वहीं दूसरी तरफ राजद की तरफ से उन पर कोई कार्रवाई नहीं करना भी इस नाराजगी को और बढ़ा रही थी।

गठबंधन तुड़वानेवाले राजद के दूसरे नेता हैं राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई कहे जाने वाले राजद एमएलसी सुनील कुमार सिंह। जिन्होंने एक तरह से नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। लगभग हर दूसरे दिन वह नीतीश कुमार का बगैर नाम लिए सोशल मीडिया में उन पर तीखा कटाक्ष कर रहे थे। शुक्रवार को उन्होंने नीतीश कुमार की तुलना ऐसे सांप से कर दी थी दो हर दो साल पर अपनी केंचुली बदलता है। लालू परिवार के करीबी होने के कारण न तो जदयू कुछ बोल पा रही थी, न तो लालू ने उनकी जुबान पर लगाम लगाने की कोशिश की।

निखिल मंडल की लिस्ट में तीसरा चेहरा विधायक सुधाकर सिंह का है। राजद प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे होने के कारण उन्हें नीतीश कुमार ने कृषि मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी, लेकिन पद पर रहते हुए ही उन्होंने नीतीश  कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और उनकी योजनाओं को किसान विरोधी बताने लगे। यहां तक कि कैबिनेट मीटिंग में भी उनकी बात नहीं मानी। हालांकि आलोचना के कारण उन्हें  मंत्री पद से हटा दिया गया। लेकिन, इसके बाद भी उन्होंने नीतीश कुमार के खिलाफ बयानबाजी बंद नहीं की। राजद ने उनके खिलाफ जांच तो बैठाई, लेकिन पार्टी में आजतक कोई कार्रवाई नहीं की गई। 

राजद के यह वह तीन नेता हैं, जिन्होंने डेढ़ साल से नीतीश कुमार के लिए परेशानी खड़ी कर रखी थी। जो कहीं न कहीं महागठबंधन सरकार जाने का बड़ा  कारण बन गई।