पृथ्वी हमारी मां के समान,जल जीवन हरियाली के माध्यम से इसे बचाना हमारी प्राथमिकता,तभी बचेगा जीवन

पृथ्वी हमारी मां के समान,जल जीवन हरियाली के माध्यम से इसे बचाना हमारी प्राथमिकता,तभी बचेगा जीवन

WORLD EARTH DAY 

PATNA : विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर बिहार विधानसभा के माननीय अध्यक्ष  विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि पृथ्वी  हमारी माता के समान है। सनातन धर्म में इसका बड़ा ही पौराणिक और जीवंत महत्व है। इसके बिना जीवन की कल्पना ही नहीं  की जा सकती है। पृथ्वी पर निरंतर आबादी का बोझ बढ़ता जा रहा है और हम सब इससे अधिक से अधिक लाभ लेने के चक्कर में इसके पर्यावरण को लगातार प्रदूषित करते चले जा रहे हैं।  शहरीकरण और आधारभूत संरचनाओं के विकास  के नाम पर पेड़ों की अंधाधुंध कटाई, प्राकृतिक संसाधनों का असीमित दोहन, औद्योगिक तथा मेडिकल कचरा तथा विभिन्न नदियों पर गैर जरूरी बांध के कारण पृथ्वी का वातावरण एवं पर्यावरण लगातार दूषित होता जा रहा है। ओजोन परत में बढ़ते  छेद से पूरे विश्व में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है । ग्लेशियर पिघल रहे हैं और पूरी दुनिया इससे भयाक्रांत है। मौसम में अजीबोगरीब हो रहे  परिवर्तन से सब परेशान हो रहे हैं। कहीं बाढ़ तो कहीं सुखाड़ हो जाये रहा है। प्राकृतिक असंतुलन से पूरी मानवता खतरे में है। आज पूरी दुनिया महामारी के चपेट में है और लाखों लोग असमय काल के गाल मे समा रहे हैं। अगर हम अब नहीं  संभलेंगे तब वह दिन दूर नही जब यह पृथ्वी हमारे रहने के लायक नहीं रह जायेगी। 

हमारी लालच को पूरी नहीं कर सकती पृथ्वी

श्री सिन्हा ने कहा कि महात्मा गांधी ने ठीक ही कहा था कि पृथ्वी हमारी जरुरतों को तो पूरा कर सकती है, लेकिन हमारे लालच को नहीं । उन्होंने कहा कि अब यह समय आ गया है जब हमें  बड़ी गंभीरता से यह सोचना होगा कि हम अपनी भावी पीढ़ी को कैसी जिन्दगी और कैसी विरासत सौपना चाहते हैं । हमें हर हाल में पृथ्वी को पुनर्स्थापित करना होगा और उसे बचाना होगा । इसे बचाने के लिए हमें लगातार वृक्षारोपण करना होगा । वृक्षों को जीवन मिलेगा, तब हमारी पृथ्वी रहने लायक हो सकेगी । हर हाल में वृक्षों को बचाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिये। 

पर्यावरण के लिए उपयोगी है जल जीवन हरियाली

श्री सिन्हा ने बिहार विधानसभा के सभी माननीय सदस्यों और पूर्व माननीय सदस्यों सहित बिहारवासियो से अपील की है कि वह अपने-अपने जन्म दिन सहित अन्य खास मौकों पर कम से कम एक फलदार पौधे लगाए तथा विभिन्न सामाजिक प्रयोजनों में पौधा उपहार में देने को बढ़ावा दें। वृक्षारोपण के लिए जन जागरूकता अभियान चलाया जाने पर भी उन्होंने बल दिया। साथ ही सबसे अपने-अपने घरों के कैंपस, बालकनी और  छतों पर पौधा लगाने की भी अपील की ताकि  कंक्रीट के जंगल में  बदल रहे शहरों में भी हरियाली और ताजगी बढ़ सके। इससे पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी । इस दिशा में  बिहार सरकार द्वारा चलाये जा रहे  ''जल जीवन हरियाली" योजना को उपयोगी बताया । साथ ही उन्होंने कहा कि पृथ्वी से हमें जीवन जीने के लिए हर साधन प्रचुर मात्रा में मिलता है, ऐसे में हम सबका नैतिक दायित्व है कि हम कम से कम अपने और भावी पीढ़ी के लिए ही सही पृथ्वी को कुछ लौटा सकें और इसके पर्यावरण को लगातार प्रदूषित होने से बचायें ताकि जीवन को बचाया जा सके ।

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