महिला के बिना कोई पैदा होगा जी? CM नीतीश बोले- दारू पीने वाले 'काबिल' नहीं

महिला के बिना कोई पैदा होगा जी? CM नीतीश बोले- दारू पीने वाले 'काबिल' नहीं

PATNA: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समाज सुधार अभियान के तहत आज सासाराम पहुंचे। वहां उन्होंने सभा को संबोधित किया और लोगों से शराब से दूर रहने की अपील की। सीएम नीतीश ने कहा कि हम किसी को शराब पीने की इजाजत नहीं दे सकते। शराब पीने वाला इंसान हैवान हो जाता है। यह बापू का कहना है। शराब के साथ-साथ दहेज प्रथा भी समाज के लिए कुरीति है। बाल विवाह भी गंभीर इश्यू है। समाज के लोगों को इस बारे में सोचना होगा। बाल विवाह लड़कियों का शोषण है। सीएम ने एक बार फिर से तथाकथित बुद्धिजीवियों पर अटैक किया और कहा कि आप चाहे कितने भी पढ़े-लिखे हों अगर शराब पीते हैं तो आप काबिल नहीं। 

बिना लड़की के कोई पैदा होगा?

सीएम नीतीश ने कहा कि बिना लड़की के विकास के कोई चीज संभव नहीं। हमने लड़कियों के बारे में सोचा है। अब तो ग्रेजुएट पास करने पर सरकार पचास हजार रू दे रही है। अगर महिला नहीं होगी तो कोई पैदा होगा जी? क्या सिर्फ मर्द से कोई पैदा होगा। पुरूष और स्त्री दोनों मिलकर परिवार और समाज बनाते हैं। बाल विवाह को सब दिन के लिए समाप्त कर देना है।  

शराब की सूचान पर जुलूस निकाल पुलिस को सूचना दें

सीएम नीतीश ने कहा कि गांव में कोई गड़बड़ करे तो सबलोग मिलकर जुलूस निकाल कर नारेबाजी करते हुए पुलिस को सूचना दीजिएगा। जीविका समूह अगर सूचना देगा और पुलिस अगर गड़बड़ करेगा तो सख्त कार्रवाई करेंगे। अगर कहीं कोई दहेज लेता है तो उसकी शादी में मत जाइए। इस बार हम नहीं देखे कि दहेज लिये कि नहीं लिये। कोरोना की वजह से हम देखे नहीं थे। लेकिन आगे तय कर लिये हैं कि कागज पर लिखा होगा कि दहेज मुक्त शादी है तभी उसके घर जायेंगे। जब कोई उसके घर नहीं जायेगा तो लगेगा कि हमने गलती की है। इसका प्रभाव आगे देखने को मिलेगा। 

जो दारू पीते हैं वो काबिल नहीं-सीएम

नीतीश कुमार ने कहा कि कुछ लोग अपने को विद्वान समझते हैं, वो शराबबंदी का विरोध करते हैं। अगर आप कितना भी पढ़े-लिखे हों और काबिल हों लेकिन आप दारू पीते हैं तो आप काबिल नहीं हैं। आप बापू के खिलाफ और समाज के खिलाफ हैं। कुछ लोग कुछ-कुछ लिखते हैं हमको उससे मतलब नहीं। हमको पब्लिसिटी से मतलब नहीं है। 

सासाराम में सीएम का समाज सुधार अभियान

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर लोग शराब बेच रहे और लोग शराब पी रहे हैं तो यह बहुत दुखद बात है। विकास की बात कितना कर रहे हैं? जब से हमने बिहार के लोगों ने काम करने का मौका दिया तब से विकास का काम कर रहे हैं। हम यह कहना चाहते हैं कि हमलोग तो शुरू से विकास का काम कर रहे हैं। 24 नवंबर 2005 के दिन शपथ लिया और तब से आज 16 साल हो गये काम करते-करते। पहले क्या स्थिति थी,स्कूलों-अस्पतालों की क्या स्थिति थी? पहले शाम होने के बाद कोई घर से बाहर निकलता था क्या, कितना अपराध था? आज कितनी स्थिति बदली है। समाज के हर तबके का विकास किया। महिलाओं,दलितों, पिछड़े, अतिपिछड़े और अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिए विशेष काम किया गया। 

कर्पूरी ठाकुर ने भी लागू किया था शराबबंदी 

सीएम नीतीश ने कहा कि एक-एक काम हम करते रहे हैं। उस विकास का कोई मतलब नहीं जिसमें समाज सुधार न हो। इसीलिए अब समाज सुधार अभियान चला रहे। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर जब सीएम थे तो उन्होंने शराबबंदी लागू किया था। लेकिन जब वो पद से हटे तो फिर शराबबंदी कानून को हटा दिया गया था। हम भी जब शराबबंदी लागू कर रहे थे तो मन में ये बातें थी कि कैसे लागू होगा। 

के.के पाठक पर भरोसा

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने दूबारा के.के पाठक जी को जिम्मा दिया है। जब हमलोग शराबबंदी लागू कर रहे थे तब भी इन्ही को जिम्मा दिया था। एक बार फिर से इन्हें मद्य निषेध विभाग के प्रधान सचिव बनाया है। पहले जितना अच्छा काम हुआ अब फिर से हो रहा है। जितना भी अच्छा से अच्छा काम करिये लेकिन कुछ न कुछ गड़बड़ करता ही है। भगवान को भी काफी झेलना पड़ा था। कुछ न कुछ तो गड़बड़ करेगा। इसके लिए जरूरी है कि अभियान चलता रहे। 

मत आइए बिहार-सीएम

हमने चारो जिलों के बारे में अधिकारियों ने रिपोर्ट मांगी। यह उत्तर प्रदेश से सटा इलाका है। कुछ लोग इधर-उधर करते हैं। वहां दारू बनायेगा यहां भेजता है। बगल के राज्य से शराब आता है। लेकिन हमलोगों ने रोकने का सारा इंंतजाम किया है।पड़ोसी राज्य में आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखें। अब इधर-उधर से शराब आ रहा तो वो कितना गंदा रह रहा है? आज बहुत लोग जो गड़बड़ हैं वो बयान देते हैं कि बाहर से आने वालों को शराब पीने की छूट मिलनी चाहिए। यह संभव नहीं है कि बिहार में आकर कोई शराब पीये। हम किसी को इजाजत नहीं देंगे। अगर दारू पीने में दिक्कत है तो मत आइए बिहार। यहां आने की इजाजत नहीं है। 

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